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किसानों पर कहर, सैकड़ों घर गिरे

ोसी में रविवार को भीषण ओलावृष्टि के साथ हुई बारिश से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। सैकड़ों घरों के छप्पर गिर गये हैं। आेलावृष्टि से लोगों के बीच अफरातफरी मच गयी। कहीं-कहीं सिर्फ आेलावृष्टि हुई तो कहीं आेलावृष्टि के साथ बारिश की भी खबर है। पूर्णिया के धमदाहा अनुमंडल में केला की फसल को भारी क्षति हुई है। वहीं मकई तथा गेहूं की फसल जमीन पर गिर गये हैं। आम को भी व्यापक क्षति की सूचना है। सहरसासुपौल से हि.टी. के अनुसार कोसी प्रमंडल के सहरसा, सुपौल जिले में रविवार की दोपहर और शाम आयी तेज आंधी के साथ हुई आेलावृष्टि से रबी फसल को भारी नुकसान पहुंचा।ड्ढr ड्ढr सहरसा जिले में आंधी और बेमौसम बारिश का दूसरा दौर रविवार को चला। दोपहर लगभग एक बजे सहरसा जिले के सत्तरकटैया क्षेत्र में तेज बौछार के साथ आेलावृष्टि हुई। तेज आंधी के कारण गरीबों के दर्जनों घर उजड़ गये। सुपौल और सहरसा में आंधी-बारिश का दूसरा दौर शुरू हुआ। सुपौल में लगभग बीस मिनट तक आेलावृष्टि होती रही। पूर्णिया से हि.टी. के अनुसार जिले के तीन प्रखंडों में रविवार को हुई भीषण ओलावृष्टि से न सिर्फ फसलों का भारी नुकसान हुआ है बल्कि जिंदगी ठहर सी गयी। आम, लीची, गेहूं, मकई एवं तेलहन की फसलें खेतों में लोट गयी। धमदाहा अनुमंडल के धमदाहा, बड़हराकोठी एवं भवानीपुर प्रखंडों में केला को व्यापक क्षति हुई है। मकई, गेहूं और तमाम फसलों की क्षति का अनुमान करोड़ों में लगाया जा रहा है। खपरैल के घर की छतें तहस-नहस होकर रह गयी हैं।ड्ढr कटिहार से हि.टी. के अनुसार रविवार को तेज हवा के साथ आेलावृष्टि से जिले में रबी फसल को व्यापक क्षति पहुंची है। तेज हवा के साथ बारिश एवं आेलावृष्टि से खेतों में लगी गेहूं एवं मकई की फसलों को क्षति पहुंची है। फसलों की क्षति से किसानों के चेहरे मुरझा गये हैं। जिले के मनिहारी, बरारी, मनसाही, समेली में फसलों को व्यापक क्षति की सूचना है। ड्ढr आम-लीची की फसल को भारी नुकसानड्ढr पटना (हि.प्र.)। राजधानी समेत सूबे के कई भागों में रविवार को आेलावृष्टि के साथ हुई बारिश से रबी फसलों को खासा नुकसान हुआ है। एकाएक आेलावृष्टि होने से किसानों की नींद उड़ गई है। उन्हें इस बात का भय सताने लगा है कि मौसम में हुआ यह परिवर्तन कहीं उनकी लुटिया न डूबो दे। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जैसे किसान भाइयों ने आेला गिरते देखा वैसे ही उनके चेहरे से मुस्कान गायब हो गए। एक अंदाजे के मुताबिक मकई, चना, मसूर, सरसों सहित कई रबी फसलों में लगभग 20 फीसदी उत्पादन में गिरावट होने की संभावना है। साथ ही आम तथा लीची की फसलों की पैदावार में 25 फीसदी कमी होने की संभावना है। राजधानी में पन्द्रह मिनट तक लगभग एक से डेढ़ सेन्टीमीटर व्यास के आेले गिरने से गेहूं की तैयार बालियां झड़ गईं। वहीं खेत -खलियान में रखे दलहन तथा तिलहन फसलों को भी हानि हुई है। बारिश से देर से बोई गई गेहूं की फसलों को लाभ हुआ है । क्योंकि बारिश होने से बाद में बोए गए गेहूं में अनाज बेहतर ढंग से भर जाएंगे। इसके अलावा गन्ने की फसल के लिए बारिश कोई वरदान से कम नहीं है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के वरीय वैज्ञानिक डा. एस. एस. सिंह ने बताया कि आेलावृष्टि तथा बारिश के चलते जहां दलहन तथा तिलहन के फसलों पर इसका प्रतिकूल असर पड़ेगा वहीं इन फसलों के भूसे भी खराब हो जाएंगे। गन्ने की खेत में बारिश से नमी आ जाएगी जिससे इनके कल्ले बेहतर तरीके से निकल पाएंगे।

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  • Web Title: किसानों पर कहर, सैकड़ों घर गिरे