DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

परिवहन निगम के बंटवारे की तैयारी पूरी

टेहाली की जिंदगी जी रहे पथ परिवहन निगमकर्मियों के सूखे चेहरे पर 10 अप्रैल के बाद मुस्कान आने के आसार हैं। बिहार-झारखंड के बीच निगम के बंटवारे और अपनी हिस्सेदारी को लेकर राज्य सरकार ने तैयारी पूरी कर ली है। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के.जी.बालाकृष्णन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ विभाजन के प्रस्ताव पर अंतिम सुनवाई करेगी।ड्ढr ड्ढr इस आशय के प्रस्ताव को परिवहन राज्यमंत्री अजीत कुमार ने अपनी मंजूरी दे दी है। वे कहते हैं कि सरकार न्यायालय के निर्णय के अनुसार कार्रवाई को तैयार है। निगम की 1147 करोड़ रुपये की संपत्ति और देनदारी का बंटवारा 65:35 के अनुपात में होगा। हालांकि 31 मार्च 2001 के पहले के बकाये का भुगतान बिहार को ही करना है। निगम के 4200 कर्मियों में से रांची, जमशेदपुर, दुमका और धनबाद प्रमंडल में तैनात 1200 कर्मचारी झारखंड में रहेंगे। मुख्यालय समेत फुलवारीशरीफ, रांची और मुजफ्फरपुर वर्कशॉप के लगभग 700 कर्मचारियों में से 35 प्रतिशत झारखंड जायेंगे। बदहाली पर श्वेतपत्र जारीड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। कर्मचारी संगठनों ने राज्य पथ परिवहन निगम की बदहाली पर श्वेत पत्र जारी किया है। मुख्यमंत्री, परिवहन राज्यमंत्री, वित्त विभाग के प्रधान सचिव, परिवहन सचिव और निगम के प्रशासक को भेजे गये इस श्वेत पत्र में अधिकारियों के गलत निर्णयों की वजह से निगम को 0 करोड़ रुपये का घाटा होने का आरोप लगाया गया है। साथ ही घाटे के लिए दोषी पदाधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गयी है। राज्य परिवहन कर्मचारी संघ के महासचिव विजयधारी कुमार का दावा है कि क्षमता के अनुरूप बसों का परिचालन नहीं होने से ही निगम को पिछले आठ वर्षो में लगभग 400 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। वर्ष 2000 में 130 बसों के घटिया बॉडी निर्माण की वजह से भी करोड़ रुपये की क्षति हुई।ं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: परिवहन निगम के बंटवारे की तैयारी पूरी