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ठेला-रिक्शा खरीद वितरण में गड़बड़ी

अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों के लिए ठेला और रिक्शा की खरीद और वितरण पर सवाल खड़े हो गये हैं। मामला भागलपुर के नाथनगर से जुड़ा है जिसे नियंत्रक महालेखापरीक्षक (सीएजी) ने ‘नमूना’ जांच में उजागर किया है। नाथनगर के बीडीओ ने जिन दो फर्मो से 14.67 लाख और 14.76 लाख रुपये के ठेले-रिक्शे की खरीद की, उनकी सालाना बिक्री क्रमश: 3.2लाख और 3.16 लाख रुपये ही थी। इसी आधार पर सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में गड़बड़ी का स्पष्ट उल्लेख किया है।ड्ढr ड्ढr भागलपुर जिला परिषद ने संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के तहत 28.71 लाख रुपये की लागत से नाथनगर में 311 रिक्शा और 162 ठेलों की खरीद को मंजूरी दी। बीडीओ ने मार्च, 05 से फरवरी, 06 के बीच दो फर्मो से ठेले-रिक्शे की खरीद की।जनवरी, 07 तक 270 रिक्शा और 135 ठेलों का अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों के बीच वितरण भी कर दिया गया। रिकॉर्ड की जांच के दौरान स्टॉक में 27 रिक्शा और 24 ठेलों का हिसाब नहीं मिला। कई लाभार्थियों के अंगूठे के निशान स्पष्ट नहीं थे और न ही उसे पंचायत सेवक या बीडीओ ने प्रमाणित किया था।भुगतान संबंधी आदेश पर भी बीडीओ का हस्ताक्षर नहीं पाया गया। इस ओर ध्यान दिलाये जाने पर बीडीओ ने मामले की जांच कराने की बात की। हालांकि सीएजी को किसी भी तरह की कार्रवाई की जानकारी नहीं मिल सकी।ं

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