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अब गेहूं और चावल भी मिलेगा कर्ज में

गेहूं-चावल भी मिलेंगे कर्ज में! केन्द्र की मंजूरी के बाद राज्य में 415 ग्रेन बैंक (अनाज बैंक) खोलने की तैयारी शुरू हो गयी है। जरूरतमंद व्यक्ित वहां आवदेन देकर कर्ज में चावल-गेहूं ले सकेगा। साल भर के भीतर उन्हें कर्ज में मिला अनाज बिना किसी सूद के ही बैंक को लौटाना होगा।ड्ढr ड्ढr इस योजना का सीधा लाभ राज्य के आपदाग्रस्त, खाद्यान्न के अभाव वाले अथवा दूरदराज के उन इलाकों को होगा जहां अबतक जन वितरण प्रणाली की पहुंच नहीं हो पायी है। केन्द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की मंजूरी के आधार पर ही खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने वित्तीय वर्ष 2008-0े अपने कार्यक्रम में ग्रेन बैंक योजना को शामिल कर लिया है। सूत्रों के अनुसार, बैंक का कारोबार 40 क्िवंटल अनाज के साथ शुरू होगा जो पहली बार केन्द्र द्वारा मुफ्त दिया जाएगा। संबंधित क्षेत्र का बीपीएल (लाल कार्ड) अथवा अंत्योदय (पीला कार्ड) परिवार का सदस्य जरूरत पड़ने पर अधिकतम एक क्िवंटल अनाज के लिए आवेदन देगा। कर्जदार को एक वर्ष के भीतर अनाज एक ही बार या किस्तों में बैंक को अदा करने की सुविधा होगी। बतौर गारंटी उसे अपने (शेष पेज 17 पर)ड्ढr कार्ड का नंबर देना होगा। अनाज नहीं लौटाने पर कार्डधारी को बीपीएल या अंत्योदय योजना के तहत प्रति माह मिलने वाले अनाज को जब्त कर कर्ज की भरपाई की जाएगी। बैंक का संचालन प्रबंध समिति करेगी जिसमें संबंधित पंचायत के बीपीएल और अंत्योदय परिवारों के 40 लोग शामिल होंगे। अनाज की कीमत और उसके भंडारण का खर्च केन्द्र सरकार उठायेगी जबकि खाद्यान्न की ढुलाई और अन्य कार्यो के लिए हरेक बैंक को 3600 रुपए मिलेंगे जिसमें केन्द्र और राज्य की हिस्सेदारी आधी-आधी होगी।ं

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