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डागमारा को केन्द्र की हरी झंडी

केन्द्र ने डागमारा पनबिजली परियोजना को हरी झंडी दे दी है। वित्त मंत्रालय की स्वीकृति के बाद फ्रंच डेवलपमेंट एजेंसी और एशियन डेवलपमेंट बैंक से सहायता का रास्ता साफ हो गया है। मंत्रालय के अधीन आर्थिक मामलों के विभाग ने इस परियोजना पर अपनी सहमति दे दी है। बिहार स्टेट हाड्रोइलेक्िट्रक कारपोरशन (बीएचपीसी) के तत्वावधान में बनने वाली यह परियोजना नीतीश सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इस पर 1585 करोड़ रुपए खर्च होंगे। वैपकॉस ने डागमारा परियोजना का डीपीआर बिहार को सौंप दिया है। इसके तहत वहां 21-21 मेगावाट की छह यूनिटें लगाई जा सकती हैं। प्रलय की विभीषिका झेल रहे कोसी के लोगों के लिए यह बड़ा सपना साकार होने जैसा है।ड्ढr ड्ढr पिछले दिनों एडीबी की ओर से डिप्टी कंट्री हेड यजीद बेनसाइड के पटना आने के बाद बिहार ने अपनी तैयारी की विस्तृत जानकारी उन्हें दी। उन्होंने वैपकॉस के अधिकारियों के साथ ऊर्जा मंत्री रामाश्रय प्रसाद सिंह, जल संसाधन मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव और बीएचपीसी प्रबंधन से परियोजना पर विचार किया। उन्होंने ऊर्जा सचिव सी.के. मिश्रा से भी बात की। श्री बेनसाइड ने इस मामले में केन्द्रीय आर्थिक मामलों के मंत्रालय से स्वीकृति लेने का सुझाव दिया था।ड्ढr उनके सुझाव के बाद से ही राज्य सरकार ने केन्द्र से मंजूरी के लिए कोशिश शुरू कर दी थी। इस परियोजना से बिजली उत्पादन के बाद उत्तर बिहार का बड़ा संकट दूर हो जाएगा। ऊर्जा विभाग की मानें तो सुपौल जिला में स्थापित होने वाला डागमारा परियोजना से वर्ष 2012 में कोसी के गांव जगमग हो जाएंगे।

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