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पेस अटैक से फिर लेंगे टेस्ट

दक्षिण अफ्रीका के कोच मिकी आर्थर ने फिर चेतावनी दी है कि कानपुर में तीसरे टेस्ट में भी पेस अटैक से टीम इंडिया का टेस्ट लिया जाएगा। अहमदाबाद में भारतीय बल्लेबाजी को ध्वस्त कर दूसरा टेस्ट तीन दिन में जीत लेने के बाद दक्षिण अफ्रीका के हौसले बुलंद हैं। आर्थर ने ‘क्रिकइंफो’ से कहा कि उनके गेंदबाज एक बार फिर भारत की मजबूत बल्लेबाजी लाइन अप को उखाड़ फेंकेंगे। उन्होंने साथ ही कहा, ‘हम स्पिन के विकल्प के बारे में बुधवार को गी्रन पार्क की पिच देखने के बाद ही कोई फैसला करंगे।’ दक्षिण अफ्रीकी कोच ने कहा कि यदि भारत तीसरे टेस्ट के लिए टूटने वाली पिच बनवाता है तो वह भारी भूल करेगा। उन्होंने कहा क्योंकि दुनिया में कोई बल्लेबाज टूटती पिच पर 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंक रहे हमारे गेंदबाजें का सामना नहीं करना चाहेगा। आर्थर ने कहा, ‘हमने अपनी तैयारी पुख्ता कर रखी है। यदि भारत टूटने वाली पिच पर जुआ खेलता है जैसा कि मीडिया रिपोटरे में कहा जा रहा है तो उसे झटका भी झेलना पड़ सकता है। हम तब चौथे और पांचवें दिन असमान उछाल की तलाश में रहेंगे ताकि हमारे तेज गेंदबाज ऐसी उछाल का फायदा उठा सकें।। लेकिन हमने अपने विकल्प अभी बंद नहीं किए हैं। हमारे पास राबिन पीटरसन की लेफ्ट आर्म स्पिन के रूप में एक और विकल्प हो सकता है।’ आर्थर ने कहा कि उन्हें नहीं लगता है कि 18 अप्रैल से शुरू होने वाले इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के कारण भारतीय टीम राह भटक गई है। उन्होंने कहा, ‘देखिए जब चीजें खराब घटित होती हैं तो मीडिया किसी न किसी पर आरोप लगाता ही है। अगर परिस्थितियां भारत के पक्ष में होती तो यह बातें सामने ही नहीं आती।’ अहमदाबाद में समाप्त हुए दूसरे टेस्ट के बारे में आर्थर ने कहा कि मैच के पहले दिन राहुल द्रविड़ का आउट होना टर्निंग प्वाइंट था। भारत दूसरे टेस्ट की पहली पारी में घरेलू मैदान पर अपने अब तक के दूसरे सबसे कम 76 रन पर सिमट गया था। द्रविड़ तेज गेंदबाज डेल स्टेन की गेंद पर बोल्ड हो गए थे। आर्थर ने कहा, ‘वह अविश्वसनीय गेंद थी। द्रविड़ का आउट होना काफी महत्वपूर्ण था। द्रविड़ ऐसे बल्लेबाज हैं जो विकेट पर टिकने के बाद विकेट नहीं फेंकते। उन्होंने इसका उदाहरण कई बार दिया है और जैसे ही उनका विकेट गिरा हमने समझ लिया कि मैच पर हमारी पकड़ मजबूत हो चुकी है।’ हालांकि उन्होंने दूसरे टेस्ट में जीत का श्रेय अपने गेंदबाजों की रणनीति को भी दिया जिन्होंने चेन्नई टेस्ट के बाद इसमें काफी सुधार किया था। आर्थर ने कहा, ‘हमने जो गलतियां चेन्नई में दोहराई थी वैसा यहां न्हीं किया। हम वहां स्विंग पर ज्यादा भरोसा कर रहे थे। उस मैच के बाद हमने गेंदबाजों के साथ काफी समय गुजारा। हमें यह महसूस हुआ कि हमें और ज्यादा आक्रामक होने की जरूरत है। मैंने गेंदबाजों से उन्हें सही लाइन लेंथ पर गेंदबाजी करने को कहा। हमने शॉर्ट गेंदों से भारतीय बल्लेबाजों को परेशानी में डाला।’ आर्थर ने कहा, ‘हमारी योजना थी कि भारतीय बल्लेबाजों को अच्छी गेंदों से मुश्किल में डाला जाए। हम काफी माथापच्ची करने के बाद इस निष्कर्ष पर पहुंंचे कि उन्हें बाहर की गेंद पर गलती करने के लिए मजबूर किया जाए। हमने फैसला किया कि टीम इंडिया के बल्लेबाजों को क्रीज में जमने का मौका नहीं दिया जाए। इसी योजना के तहत हमारे गेंदबाजों ने उन पर बाउंसरों की बौछार कर दी। आर्थर ने अहमदाबाद की पिच पर भी ‘खुशनुमा आश्चर्य’ व्यक्त करते हुए कहा, ‘मोटेरा तो हमारे लिए स्वर्ग के समान था। यह हमारे गेम प्लान के तहत फिट भी रहा। हालांकि मैं सहायक कोच विंसेट बर्नास को भी इसका पूरा श्रेय देना चाहूंगा जिन्होंने तेज गेंदबाजों खासतौर पर मखाया एनटिानी को यहां के लिए अच्छे टिप्स दिए।’

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