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बिकेंगी इइएफ और हाइटेंशन फैक्टरिया

बिहार ने झारखंड के तीन सरकारी कारखानों को बेचने का फैसला किया है। ये बिहार राज्य औद्योगिक विकास निगम के अधीन हैं। इसमें रांची की हाइटेंशन इंस्युलेटर, इलेक्िट्रक इक्वीपमेंट और धनबाद की सिन्दरी सुपरफास्फेट फैक्टरी शामिल है। बिहार पुनर्गठन कानून में झारखंड में स्थित कारखाने यहीं के होंगे। पर इनका मालिकाना हक अभी बिहार सरकार के ही पास है। इनके एसेट और लायबलिटी का बंटवारा लटका हुआ है।ड्ढr बीएसआरडीसी ने इनको तीस साल की लीज पर ज्वाय्ांट वेंचर (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) में देने का फैसला लिया है। निगम ने इसके लिए पांच अप्रैल को टेंडर निकाला है। टेंडर पेपर खरीदने की आखिरी तारीख 16 अप्रैल है। टेंडर में टेक्िनकल और फिनांसियल बीड देने होंगे। 30 अप्रैल को पहले टेक्िनकल बीड खुलेगा। निगम के ये कारखाने 1से बदहाल हैं। कर्मियों का वेतन बंद है, उत्पादन ठप है। कई कर्मचारी दुर्दशा के शिकार होकर समय से पहले गुजर गये। बिहार बंटवार के बाद भी इन उपक्रमों की दशा नहीं सुधरी। किसी भी सरकार ने इसके लिए कोई पहल नहीं की। इन कारखानों के पास चल-अचल संपत्ति के रूप में सैकड़ों करोड़ रुपये हैं। हाइटेंशन इंस्युलेटर और इलेक्िट्रक इक्वीपमेंट फैक्टरी के पास चार सौ करोड़ रुपये से ज्यादा की सिर्फ जमीन ही होगी। कारखाने के शेड, भवन, क्वार्टर्स और मशीन अलग से हैं। इइएफ में बिजली के ट्रांसफार्मर और एचटीआइएफ में इंस्युलेटर बनते हैं। ं

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