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काश! पाक में भी गाती: लता

वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर ने कहा है कि अगर उनके गायन से भारत-पाकिस्तान के रिश्ते सुधरते हैं, तो उन्हें खुशी होगी। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें पाक जाने का मौका मिलता है तो उन्हें अच्छा लगेगा। डॉन न्यूज चैनल से बात करते हुए लता ने कहा कि जनरल जिया-उल-हक जब पाक के राष्ट्रपति थे, तो उन्हें वहां जाकर गीत पेश करने का मौका मिला था, लेकिन अंतिम समय में कार्यक्रम रद कर देना पड़ा। आयोजकों ने तब उन्हें बताया था कि वे कार्यक्रम की सुरक्षा लेने में असमर्थ हैं। जब साक्षात्कार लेने वाले ने उन्हें बताया कि पाकिस्तान के शायर ने एक नगमा लिखा है, जिसमें एक भारतीय और एक पाकिस्तानी, चाय की दुकान पर खड़े कश्मीर पर चर्चा कर रहे हैं और आपका गीत बजते ही दोनों कश्मीर की चर्चा सुन मगन हो जाते हैं, लता मंगेशकर ने कहा कि अगर एसा हो तो बहुत अच्छा होगा।ड्ढr उन्होंने कहा कि मुझे पाकिस्तान जाने में बहुत अच्छा लगेगा, लेकिन पिछले 20 साल में मुझे किसी ने आमंत्रित ही नहीं किया। अगर कोई मुझे बुलाता है तो मैं वहाँ जरूर जाऊँगी। लता ने इस मौके पर मलिका-ए-तरन्नुम नूराहाँ से अपनी दोस्ती को भी याद किया। उन्होंने कहा कि जब बँटवार के बाद वह पाकिस्तान चली गईं, तो मैं रो उन्हें फोन किया करती थी, लेकिन मैं फिर कभी उनसे नहीं मिल सकी। सुश्री मंगेशकर ने बताया कि वह सरहदें नाम से एक अलबम तैयार कर रही हैं, जिसमें चार भारतीय और चार पाकिस्तानी गायकों ने गीत गाए हैं। पाकिस्तानी गायकों में मेंहदी हसन, फरीदा खानम और आबिदा परवीन हैं।ड्ढr

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