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चीनी मिल प्रक्षेत्र में नलकूपों का स्वामित्व किसानों को

राज्य सरकार चीनी मिल प्रक्षेत्र में नलकूप लगाकर उसका स्वामित्व किसानों को सौंपेगी। सोमवार को सूचना भवन में लघु सिंचाई विभाग और गन्ना विकास विभाग की बैठक में चीनी मिल क्षेत्रों की समस्याओं पर विस्तार से विमर्श हुआ। बैठक में चीनी मिलों के प्रक्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नये नलकूपों की स्थापना, पुराने राजकीय नलकूपों की मरम्मत, पुनस्र्थापन एवं मिल के माध्यम से जल उपभोक्ता समिति को हस्तांतरित करने आदि मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।ड्ढr ड्ढr बैठक के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए लघु सिंचाई राज्यमंत्री विश्वमोहन कुमार और गन्ना विकास राज्यमंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि सरकार इस वर्ष चीनी मिल प्रक्षेत्र में 728 नलकूप लगाएगी ताकि किसानों को गन्ने की खेती में परेशानी न हो। इससे लगभग 22 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने की फसल को सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इस परियोजना पर सरकार 50 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि खर्च करेगी। किसानों का समूह बनाकर इन नलकूपों का स्वामित्व उनके हवाले किया जाएगा। इन नलकूपों से 1हजार रुपए राजस्व के रूप में प्राप्त होंगे, जिनमें से 10 फीसदी राशि सरकार को मिलेगी।ड्ढr ड्ढr लघु सिंचाई मंत्री के अनुसार एक नलकूप से औसतन 30 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी जबकि 120 मीटर गहरे नलकूप पर 8 से लाख रुपए खर्च होंगे। 300 नलकूपों को नाबार्ड के ग्रामीण आधारभूत संरचना विकास कोष (आरआईडीएफ) के फेज 14 में शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है। उनके अनुसार इस समय 108 नलकूपों को चालू चीनी मिल के क्षेत्रों में शुरू कराया जा रहा है, जबकि 320 पुराने नलकूपों में से 0 से सिंचाई हो रही है और 105 को चालू करने को कोशिश अंतिम चरण में है।

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