अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

नहीं मिला रामप्रवेश के हत्यारों का सुराग

अगर कोई आम आदमी कानून को अपनी हाथ में लेता है तो पुलिस तत्काल सक्रिय हो जाती है मगर जब कानून को तोड़ने वाला कोई प्रभावशाली और किसी दल से जुड़ा व्यक्ित होता है तो पुलिस की सक्रियता दूृसरा मोड़ ले लेती है। तब मामला छानबीन पर आकर अटक जाता है।ड्ढr ड्ढr गुरुवार की देर रात बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र के चकारम में एक गरीब रिक्साचालक रामप्रवेश महतो को किताब की कथित चोरी के आरोप में पीट-पीटकर की गई हत्या इसका उदाहरण है। इस मामले में चकारम स्थित एक पिंट्रिंग प्रेस मां दुर्गा इंटरप्राइजेज के मालिक नंदू यादव को संदिग्ध रूप से आरोपित किया गया है। इसके अलावा आधा दर्जन अज्ञात लोग रामप्रवेश की हत्या में आरोपित हैं पर इस मामले में पुलिस जहां की तहां खड़ी है। रामप्रवेश जहां एक अत्यंत गरीब रिक्शाचालक था वहीं नंदू एक राजनीतिक दल का प्रभावशाली कार्यकर्ता और पिंट्रिंग प्रेस के साथ शराब का कारोबारी भी। नंदू के पिंट्रिंग प्रेस में बिहार स्टेट टेस्टबुक की किताबें छपती हैं। इसके अलावा उसका कोतवाली थाना क्षेत्र के स्टेशन स्थित टैम्पू स्टैंड में विदेशी शराब का कारोबार भी है।ड्ढr ड्ढr रामप्रवेश की हत्या का कारण क्या है यह भी अबतक स्पष्ट नहीं हो सका है। नंदू के परिजनों का आरोप है कि भाड़े के विवाद में शराब के नशे में नंदू की पिटाई की गई जिससे उसकी मौत हो गई। कानून को हाथ में लेने और असमय ही छोटे-छोटे बच्चों को अनाथ बना देने वाले आरोपित अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। हालांकि इस मामले में पूछताछ के लिए तीन लोगों को पुलिस थाने लायी है। थाना प्रभारी गौरीशंकर सिंह ने बताया कि मामले की गहराई में जाने की कोशिश होरही है। इस संदर्भ में पूृछे जाने पर डीएसपी, विधि व्यवस्था कुमार अमर सिंह कहते हैं कि मामले में नंदू को संदिग्ध आरोपित बनाया गया है छानबीन चल रही है। अगर आरोपित के विरुद्ध साक्ष्य मिलते हैं तो गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।ड्ढr ड्ढr साजिश के तहत फंसाया गया : नंदूड्ढr रिक्शाचालक की पीट-पीटकर हत्या मामले में संदिग्ध आरोपित नंदू ने अपने को बेकसूर बताते हुए कहा कि स्थानीय राजनीति के तहत उसे इस मामले में फंसाया जा रहा है। शनिवार की शाम ‘हिन्दुस्तान’ कार्यालय पहुंचे नंदू ने कहा कि उसकी इस मामले में दूर-दूर तक कोई संलिप्तता नहीं है। उसने कहा इस मामले में दर्ज एफआईआर की ही अगर पड़ताल हो तो यह साफ हो जाएगा कि इसके पीछे किसका खेल है। कुछ लोगों ने मृतक के परिजनों को बरगला कर उसका नाम इस मामले में डलवाया है। उसने कहा कि घटना कब, कहां और कैसे हुई इसकी भी उसे कोई जानकारी नहीं। उसने कहा कि एक गरीब रिक्शाचालक की पीटकर की गई हत्या से वह भी दुखी है। नंदू ने इस मामले की निष्पक्षतापूर्वक जांच की मांग की और कहा कि अगर वह कहीं से भी दोषी पाया जाता है तो वह कोई भी सजा भुगतने को तैयार है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: नहीं मिला रामप्रवेश के हत्यारों का सुराग