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पाक में अपदस्थ जजों की बहाली प्रक्रिया शुरू

पाकिस्तान के कानून मंत्री फारुख एच नाइक ने कहा है कि अपदस्थ जजों की बहाली की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है तथा 30 दिन की मियाद के अंदर यह मसला सुलझ जाएगा। उधर सुप्रीमकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ऐतजाज अहसान ने आगाह किया है कि मुख्य न्यायाधीश इफ्तिखार मोहम्मद चौधरी के बिना जजों की बहाली स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जस्टिस चौधरी की बहाली के बिना कोर्ट जाने वाला जज राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ का वफादार माना जाएगा। कानून मंत्री ने सोमवार को जिआे टीवी से बातचीत में कहा कि जनता धैर्य रखे। जजों की बहाली की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सत्तरूढ़ गठबंधन के घटक दलों के सदस्यों की एक संसदीय समिति बनाई जाएगी। यह जजों की बहाली के उद्देश्य से संसद में लाए जाने वाले प्रस्ताव और सिफारिशों को अंतिम रूप देगी। उन्होंने कहा कि यह मसला 30 दिन के अंदर सुलझा लिया जाएगा। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के जजों के कार्यकाल को कम करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। उधर आेकारा में जिला बार एसोसिएशन के एक कार्यक्रम में अहसान ने कहा कि एक स्वतंत्र न्यायपालिका ही किसी देश की एकजुटता एवं अखण्डता सुनिश्चित करती है, न कि हथियार। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की वकील बिरादरी जस्टिस चौधरी की बहाली के बिना अन्य जजों की बहाली को स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि जस्टिस चौधरी के बिना कार्यालय जाने वाले जज को मुशर्रफ द्वारा अंतरिम संवैधानिक आदेश (पीसीआे) के तहत नियुक्त जज माना जाएगा। उन्होंने कहा कि उनसे जस्टिस चौधरी को छोड़ बाकी 44 जजों की बहाली की पेशकश की गई थी लेकिन उन्होंने इसे एक झटके में ठुकरा दिया था। उन्होंने वकीलों की ताकत को रेखांकित करते हुए कहा कि सिर्फ काले कोट की ताकत ने जनरल मुशर्रफ को वर्दी उतारने और चुनाव कराने पर मजबूर कर दिया था। उन्होंने कहा कि चुनाव में जबरदस्त धांधली के बावजूद पाकिस्तान मुस्लिम लीग- काएदे आजम को सिर्फ 40 सीटें मिली। अहसान ने कहा कि यदि 30 दिन की मियाद के अंदर सभी जजों की बहाली नहीं की गई तो फिर वकील आगे की रणनीति तय करेंगे।

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  • Web Title: पाक में अपदस्थ जजों की बहाली प्रक्रिया शुरू