DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मायावती के खिलाफ टिकैत की महापंचायत एकजुट

महापंचायत में बहुजन समाज पार्टी बसपा छोड़ सभी दलों को आमंत्रित किया गया था। टिकैत को गत दो अप्रैल को अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति उत्पीड़न अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था। उसी दिन उन्हें अदालत ने जमानत भी दे दी थी। टिकैत पर गत 30 मार्च को बिजनौर में सम्पन्न किसान स्वाभिमान रैली में मायावती के खिलाफ जातिसूचक टिप्पणी करने का आरोप था। जमानत पर छूटने के तत्काल बाद टिकैत ने आज के दिन महापंचायत के आयोजन की घोषणा की थी। महापंचायत में किसानों के अलावा समाजवादी पार्टी सांसद धर्मेन्द्र यादव, राष्ट्रीय लोकदल अध्यक्ष अजित सिंह, अनुराधा चौधरी, भारतीय जनता पार्टी भाजपा नेता हुकुम सिंह, कांग्रेस के अवतार सिंह भड़ाना और सांसद हरेन्द्र मलिक मुख्यरूप से शामिल हुए। ऊमहापंचायत में वक्ताआें ने किसानों की समस्याआें पर चर्चा की और किसानों के ऊपर हो रहे अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने का ऐलान किया। महापंचायत में मायावती सरकार को भी निशाने पर रखा गया। वक्ताआें का मत था कि राय सरकार किसानों के मुद्दों पर गंभीर नहीं है। महापंचायत में सभी से एकजुट होने की अपील करते हुए टिकैत ने कहा कि एकता न होने की दशा में राय सरकार किसी का भी उत्पीड़न कर सकती है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से खासतौर पर किसानों के मुद्दे पर एकमत होने की अपील की।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: मायावती के खिलाफ महापंचायत एकजुट