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वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद सेना से पलायन बढ़ा

पहले ही अधिकारियों की कमी की सामना कर रही सेना के लिए छठे वेतन आयोग की सिफारिशों ने मुश्किल बढ़ा दी है। दरअसल, कई नाराज वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने समयपूर्व सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन कर दिया है। थल, वायु और नौसेना के इन अधिकारियों की कुल संख्या 107 है। इन अधिकारियों ने सेवानिवृत्ति संबंधित कागजात भी सैन्य प्रशासन को सौंप दिए हैं। दूसरी ओर रल कर्मचारियों की शिकायत प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तक रल मंत्री लालू यादव पहुँचाएँगे।ड्ढr एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने बताया कि लेफ्टिनेंट कर्नल, कर्नल और इससे भी ऊँची रैंक वाले कई अन्य अधिकारी भी सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन कर सकते हैं। ये अधिकारी छठे वेतन आयोग में 15 फीसदी तनख्वाह बढ़ाए जाने की सिफारिश से नाराज हैं। सामान्य तौर पर सेना में हर हफ्ते दो-चार अधिकारी समय पूर्व सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन करते हैं लेकिन पिछले दो-तीन हफ्तों में यह संख्या 10-15 तक पहुँच गई है। अधिकारियों की सबसे ज्यादा कमी थल सेना में है, यहाँ करीब 11 हाार अधिकारी और चाहिए। जबकि नौसेना में तीन हजार व वायु सेना में 6 हाार अतिरिक्त अधिकारियों की जरूरत है। आधिकारिक काम-काज में यह कमी बेहद खल रही है। जिस काम के लिए 25 अधिकारी तय किए गए हैं, उसे सिर्फ 12-14 ही कर रहे हैं। परशान तीनों सैन्य प्रमुख पहले ही केन्द्र सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप चुके हैं। इस रिपोर्ट में मेजर और कर्नल रैंक के अधिकारियों की तरक्की में रुकावट बने नियमों में बदलावों की सिफारिश की गई है। रक्षा मंत्रालय को भेजे गए प्रस्ताव में सैनिकों के वेतन में कम से कम तीन हाार तक बढ़ोतरी की सिफारिश भी है। प्रस्ताव में अर्धसैनिक बलों और सैनिकों व अधिकारियों के बीच वेतन अंतर को तर्क के साथ रखा गया है। मेजर, कर्नल और ब्रिगेडियर रैंक के अधिकारियों के लिए भी अधिक वेतन की माँग रखी है। इसके लिए तीनों सैन्य प्रमुखों एडमिरल सुरीश मेहता, जनरल दीपक कपूर और एयरचीफ मार्शल एफएच मेजर ने रक्षा मंत्री एके एंटनी से भी मुलाकात की थी।ड्ढr दूसरी ओर छठे वेतन आयोग की सिफारिशों से रेलवे के 14 लाख कर्मचारी भी खफा हैं। उनकी नाराजगी से वाकिफ रल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने निर्णय लिया है कि वे शीघ्र ही इसकी जानकारी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को देंगे।ड्ढr सूत्रों के अनुसार रल मंत्रालय से सम्बद्ध श्रमिक और अधिकारी संवर्ग की मान्यता प्राप्त यूनियनें वेतन आयोग की सिफारिशों पर साझा ज्ञापन तैयार कर उसे रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष को सौंपेंगी। रेल मंत्री इसे वेतन आयोग, प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को भेजेंगे। संयुक्त ज्ञापन एक-दो दिन में तैयार कर लिया जाएगा। उम्मीद है कि इसे ग्यारह अप्रैल तक ऊपर दे दिया जाएगा। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष के.सी. जैन ने रेल मंत्री से संकेत पाकर सभी यूनियनों के एक-एक प्रतिनिधि और रेलवे बोर्ड के दो अधिकारियों को मिला कर सात सदस्यीय समूह बनाया है जो आम राय बनाने में लगी है।

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  • Web Title: वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद सेना से पलायन बढ़ा