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बैंकों का खजाना भरते छोटे शहरच

अब बैंकों के खजाने को नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, पानीपत और देश के इस तरह के तमाम नए उभरते हुए शहर भी खूब भर रहे हैं। बदले में बैंकों ने भी इन पर खास तवज्जो देना शुरू कर दिया है। वे इनमें अपनी शाखाओं को बढ़ा रहे हैं और सर्विस का स्तर भी बेहतरीन कर रहे हैं। और तो और इन छोटे पर संभावनाओं से लबरेज शहरों की ताकत को देखते हुए अभी तक मेट्रोज में ही रहने वाले विदेशी बैंक भी इनमें जाने लगे हैं। अगर प्रमुख अर्थशास्त्रियों की संस्था एनसीएईआर के ताजा अध्ययन पर यकीन करं तो उपयरुक्त शहरों के साथ-साथ सूरत, लुधियाना, अमृतसर, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर, मोहाली, सोनीपत, रोहतक वगैरह बैंकों के लिए बेहतरीन साबित हो रहे हैं। इधर से बैंकों को मिल रहा है करोड़ों रुपये का बिजनेस। जाहिर है कि अब बैंक सिर्फ मेट्रोज या दूसर स्थापित शहरों तक ही अपना ध्यान केंद्रित करने को तैयार नहीं है। आखिर ये तमाम शहरों में बदलाव किस तरह से होने लगा? अध्ययन के मुताबिक, हाल के सालों में इन शहरों में नए-नए उद्यमी उभर हैं। ये लेदर,आटो पार्ट्स, खिलौनों, रीयल एस्टेट वगैरह के कारोबार करके मोटी कमाई कर रहे हैं। शेयर बाजार ने भी छोटे शहरो मेड्ड दस्तक दे दी है। इधर के अनेक लोगों को शेयर बाजार ने मालामाल बनाया है। अब ऐटा और मैनपुरी जसे शहरों में शेयर बाजार की हलचल को जानने वाले मौजूद हैं। स्टेट बैंक के एक प्रमुख अधिकारी ने कहा कि विशेष आर्थिक क्षेत्र(सेज) के लिए बड़े औद्योगिक घराने बड़े स्तर पर जमीनें खरीद रहे हैं। ये जिनसे जमीनें खरीद रहे हैं, वे तो मालामाल हो ही रहे हैं। ऐसे लोग हैं बैंकों के निशाने पर। प्रीमियरशील्ड रिस्क मैनेजमेंट नाम की निजी सुरक्षा सेवाएं देने वाली एजेंसी के सीईओ पवनजीत आहलूवालिया ने कहा कि अब वे मेट्रो शहरों से हटकर खुलने वाली बैंकों की शाखाओं में भी अपने गार्ड दे रहे हैं। हमने कभी सोचा भी नहीं था कि इन छोटे शहरों में प्राइवेट और विदेशी बैंक अपनी शाखाएं खोलेंगे। एचडीएफसी बैंक के निदेशक हरप्रीत सिंह ने कहा कि छोटे शहरों की ताकत को सभी बैंक समान रूप से महसूस कर रहे हैं। जाहिर है कि वे उधर का रुख इसीलिए करने लगे हैं क्योंकि उन्हें वहां से शानदार बिजनेस मिलने लगा है। पानीपत और सूरत जसे शहरों में चंदेक साल पहले तक कोई उम्मीद भी नहीं कर सकता था कि वहां पर कोई विदेशी बैंक अपनी ब्रांच को खोलेगा। पर अब इनमें सिटी बैंक, एबीएन एमरो, एचएसबीसी बैंकों के साथ-साथ सभी प्रमुख प्राइवेट बैंक जसे आईसीआईसीआई, एक्िसस बैंक, एचडीएफसी वगैरह भी पहुंच गए हैं।

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