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कच्चा तेल फिर 109 डॉलर के पार

ईरान के यूरेनियम संवर्धन केंद्र में अत्याधुनिक सेंट्रीफ्यूज की स्थापना शुरू करने और यूरोप के एक तेल शोधन कारखाने में आग लगने के समाचारों के बीच कच्चे तेल ने फिर रिकार्ड दामों की तरफ कदम बढ़ा दिये। सतरह मार्च को कच्चे तेल की कीमतों ने 111.80 डॉलर प्रति बैरल का रिकार्ड बनाया था। इसकी तुलना में आज मई डिलीवरी के लिए भाव ऊंचे में 10डॉलर प्रति बैरल तक चढ़ने के बाद 10डॉलर प्रति बैरल बोले गए। यह पिछले महीने के मुकाबले एक प्रतिशत कम है। लंदन ब्रेंत तेल भी 20 सेंट बढ़ा और 107.34 डॉलर प्रति बैरल बोला गया। ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने कहा है कि नटंज के यूरेनियम संवर्धन केंद्र में छह हजार सेंट्रीफयूज लगाने शुरू कर दिए गए हैं। इधर फिनलैंड के एक तेल शोधन कारखाने में शुक्रवार को आग लगने के बाद इसकी मरम्मत और रखरखाव का काम मई तक खिंचने की उम्मीद है। यह इकाई प्रति दिन दो लाख बैरल डीजल का उत्पादन करती है। इन दोनों खबरों के बाद कच्चे तेल ने भी ऐतिहासिक उड़ान की तैयारी शुरू कर दी है। कामनवेल्थ बैंक आफ आस्ट्रेलिया के डेविड मूरे का कहना है कि जैसा कि हमने पिछले दिनों देखा है राजनीतिक समस्याओं और तेल शोधन कारखानों में रुकावटों की खबरों से कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा होता रहा है। पूरे यूरोप में सड़क परिवहन के लिए डीजल इस्तेमाल किया जाता है। उधर अमेरिका के ऊर्जा मंत्री सैम बोडमैन ने कहा है कि गर्मियों में देश में गेसोलाइन की कीमतें रिकार्ड साढे तीन डॉलर प्रति गैलन तक बढ़ सकती हैं। उन्होंने तेल निर्यातक राष्ट्र संगठन (ओपेक) से कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाने की अपील की। कतर के तेल मंत्री ने अपील का ठुकराते हुए कहा है कि तेल भंडारों का स्तर पांच वर्षों में सर्वाधिक है और दामों में बढोत्तरी अटकलबाजियों के कारण हो रही है।

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