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पाक ने कश्मीर पर नए नजरिए के दिए संकेत

पाकिस्तान की नई सरकार ने कश्मीर मुद्दे को दरकिनार करने की संभावना से इनकार किया है। अलबत्ता वह इस मामले में भिन्न तरह का नजरिया अपनाने के हक में है और भारत के साथ व्यापारिक रिश्तों को तराीह देकर विवाद के समाधान की दिशा में बढ़ना चाहती है। पाक विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने डान न्यूज चैनल के साथ बातचीत में कहा कि भारत के साथ समग्र वार्ता के एजेंडे में शांति और सुरक्षा के अलावा कश्मीर मसला प्रमुखता से शामिल है। उन्होंने कहा, लेकिन साथ ही हम यह भी महसूस करते हैं कि खासकर व्यापार जसे कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जिनके जरिए द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती की ओर कदम बढ़ाने की सख्ता आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दोनों मुल्कों के बीच अरबों डॉलर के व्यापार की भारी गुंजाइश है। दोनों को चाहिए कि वे इस संभावना का उपयोग कर आपसी मनमुटाव को दूर करं और विवादों के समाधान की दिशा में बढ़ें। कुरैशी ने कहा कि व्यापार बढ़ेगा तो आपसी विश्वास भी गहराएगा और इस तरह विवादास्पद मुद्दों के हल के लिए एक मैनेजमेंट तैयार हो सकेगा। यह पूछे जाने पर कि ऐसे सूरत में कुछ समय के लिए क्या कश्मीर मसले को दरकिनार करना पड़ सकता है, उन्होंने साफ इनकार करते हुए कहा कि कश्मीर को नेपथ्य में ठेलने की कोई संभावना नहीं है। हम अपनी एप्रोच में सिर्फ इतनी तब्दीली करना चाहते हैं कि इस मुद्दे को अलग कोण से पकड़ें। हम कश्मीर को भुलाने नहीं जा रहे। कश्मीर मसला पाक के लिए बहुत अहम है। इसे हरगिज नहीं भुलाया जा सकता। यह उल्लेख किए जाने पर कि सत्तारूढ़ पीपीपी के सहअध्यक्ष आसिफ अली जरदारी हाल के एक इंटरव्यू में कह चुके हैं कि भावी पीढ़ी के हित में कश्मीर मसला दरकिनार कर देना जाना चाहिए, कुरैशी ने सफाई दी कि उनके नेता के बयान को तोड़मरोड़ कर पेश किया गया।

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