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गुमला में नरसंहार, नौ को भूना

भाकपा माओवादियों ने मंगलवार को गुमला के पालकोट में नौ लोगों को मौत के घाट उतार डाला। मार गये लोगों में शांति सेना के कमांडर भादो सिंह के अलावा सेना के चार अन्य सदस्य, तीन महिलाएं और तीन साल की बच्ची है। शांति सेना का गठन नक्सलियों के खिलाफ हुआ था। सरकार ने घोषणा की है कि हमले में मार गये सभी लोगों के परिानों को एक -एक लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा। यह जानकारी देते हुए पुलिस प्रवक्ता आरके मल्लिक ने बताया कि मृतकों की अंत्येष्टि बुधवार को होगी। सुबह दस बजे भादो साथियों और घर के लोगों के साथ बोलेरो (ोएच 7बी-6244)पर पालकोट से गुमला की ओर जा रहा था। बोलेरा सेमरा-गुडमा पथ पर सेमरा भंडारटोली के पास पहुंची, तो सड़क के दोनों छोर पर पहले से मोरचा लिये माओवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। शांति सेना के सदस्यों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। गोलीबारी में भादो सिंह, नकुल सिंह (36) ललका सिंह, (35) घनश्याम सिंह (38), रंथू मांझी (40), जानकी देवी (30), फूलमनी देवी (30), सुमित्रा देवी (32) और एक बच्ची (तीन वर्ष) ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। नक्सलियों की संख्या 50 से अधिक थी। जब उन्हें यकीन हो गया कि बोलेरो पर सवार तमाम लोग मार गये हैं, तो वे गाड़ी के पास पहुंचे। गाड़ी में मौजूद एक राइफल और चार बंदूकें लूटने के बाद उन्होंने बोलेरो को आग के हवाले कर दिया। इससे मार गये सभी लोग जलकर खाक हो गये। हालांकि बोलेरो पर सवार ललका सिंह की पत्नी रणु देवी ने जख्मी हालत में अपने छोटे से पुत्र केशरी सिंह के साथ भागकर किसी तरह जान बचायी। उसका इलाज गुमला सदर अस्पताल में चल रहा है। घटना की जानकारी मिलने पर आक्षी,डीआइजी, एसपी और एसडीपीओ पुलिस और सीआरपीएफ जवानों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। घटना के बाद से पूर इलाके में दहशत का माहौल है। मृतकों की सूची1-भादो सिंह (45 गुड़मा), 2- ललका सिंह (35) 3-नकुल सिंह (42) 4- फूलमनी देवी (35 पत्नी नकुल सिंह) 5- रंथू मांझी (40), 6-ाानकी देवी (35 पत्नी रंथू मांझी) 7-सुमित्रा देवी (28) 8- एक बच्चा घनश्याम 35 कुल्लूकेरा। रणु ने देखा मौत का मंजर, अब भी आंखों में तैर रहा खौफ : यह वही महिला है, जो हमले से अपने बच्चे को बचाकर भाग निकली। हालांकि उसका पति मारा गया।ड्ढr ुमुडमा में मातम, छावनी में तब्दील नरसहांर के बाद पालकोट के गुडमा में मातमी सन्नाटा है। क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। नरसंहार को प्रताप बीझिया और मनोज नगेशिया के दस्ते ने अंजाम दिया और आराम से पास की पहाड़ियों में चले गये। शांति सेना इलाके के नक्सलियों के लिए सिरदर्द बनी थी। पुलिस के साथ अभियान चलाकर शांति सेना ने कई प्रमुख नक्सलियों को भी मार गिराया था। उधर, मृतकों के परिानों की चीत्कार से पूरा माहौल गमगीन है। रंथु मांझी, उनकी पत्नी जानकी, नकुल सिंह और उनकी पत्नी फूलमनी की मौत के बाद उनके बच्चों को कोई देखनेवाला बचा ही नहीं। भादो का भतीजा चालक ललका हमले में मारा गया, लेकिन उसकी पत्नी रणु अपने बच्चे के साथ भाग निकलीं।

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  • Web Title: गुमला में नरसंहार, नौ को भूना