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स्वास्थ्य संबंधी आंकड़े सार्वजनिक करे सरकार

उच्चतम न्यायालय ने सरकार को निर्देश दिया है कि वह पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के नुकसान से जुडे आंकडों को सार्वजनिक करे साथ ही यह भी बताए कि परीक्षणीय जेनेटिक पौधों की प्रजातियों से होने वाली एलर्जी से जुड़े तथ्य क्या हैं। मुख्य न्यायधीश के जी बालाकृष्णन और न्यायमूर्ति आर वी रवीन्द्रन की खण्डपीठ ने मंगलवार को यह आदेश जीन कैम्पेन की याचिका पर दिया। उच्चतम न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि विषैले और एलर्जी वाले प्रभावों को बेवसाइट पर भी दर्शाया जाए ताकि लोगों में जागरूकता लाई जा सके। याचिकाकर्ता के वकील प्रशांत भूषण ने अपनी दलील में कहा कि जेनेटिक पौधों पर हो रहे परीक्षण लोगों के स्वास्थ्य के लिए खासे नुकसानदायक हैं। इसके अलावा पर्यावरण पर भी इनका खराब प्रभाव पड़ता है, इसलिए इन परीक्षणों पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए या कम से कम लोगों को इनके दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी होनी चाहिए।

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