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मशाल : सियासत और बवाल

भारत में ओलंपिक मशाल दौड़ का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मैगसेसे पुरस्कार विजेता किरन बेदी ने इस दौड़ में शामिल होने से इनकार कर दिया है। कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी इसमें शरीक होंगे या नहीं, इस पर असमंजस बरकरार है। ओलंपिक मशाल दौड़ में भाग लेने के लिए राहुल के साथ-साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया, जतिन प्रसाद व सचिन पायलट को भी निमंत्रण दिए जाने हैं। इस संबंध में भारतीय ओलंपिक समिति के अध्यक्ष सुरेश कलमाडी द्वारा बताए जाने के बाद दिनभर यह चर्चा रही कि राहुल वाकई इस दौड़ में भाग लेंगे या नहीं। कांग्रेस ने इस पर चुप्पी साध रखी है। पार्टी के शीर्षस्थ नेताओं को भी नहीं मालूम कि इस बाबत मीडिया के सवालों का क्या जवाब दिया जाए। कांग्रेस प्रवक्ता जयंती नटराजन ने सिर्फ इतनी सफाई दी कि इस पर राहुल को ही फैसला लेना है। उन्होंने व दूसरे कांग्रेस नेताओं ने बार-बार यही बात दोहराई कि वे इस मसले पर कोई टिप्पणी नहीं करंगे। खुद राहुल गांधी से संपर्क करने की कोशिश कामयाब नहीं हो सकी। ओलंपिक मशाल की अंतरराष्ट्रीय महायात्रा चीन के लिए खासी फाीहत का सबब बन गई है। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति की नींद भी उड़ी हुई है। तिब्बतियों ने लंदन में मशाल छीनने की कोशिश की, पेरिस में तीन बार इसे बुझाया और बुधवार को सान फ्रांसिस्को में भी विरोध जताया। मशाल 17 अप्रैल को भारत पहुंचने वाला है। चीन भारत में इसकी सुरक्षा को लेकर चिंतित है, क्योंकि यहां बड़ी तादाद में तिब्बती रहते हैं। भारत सरकार ने चीन को देश में मशाल को पूरी सुरक्षा देने का वादा किया है।

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