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शहर के 90 फीसदी पार्क बेकार

पटना को सपनों की सुंदर नगरी बनाने की सारी कवायद पैसे के अभाव के कारण गति नहीं पकड़ रही है। राजधानी में विभिन्न विभागों को मिलाकर छोटे-बड़े 150 से अधिक पार्क व गोलंबर हैं जिसमें से 0 फीसदी जर्जर अवस्था में हैं। इसमें पटना नगर निगम के 43, निगम के योजना एवं विकास शाखा के 14, बिहार राज्य आवास बोर्ड के 71 समेत अन्य विभागों व सोसायटी के पार्क व गोलंबर शामिल हैं।ड्ढr ड्ढr सुबह व शाम में सैर करने के लिए चंद पार्क ही ठीक स्थिति में है। इसमें हार्डिग पार्क के निकट वीर कुंवर सिंह पार्क, कदमकुआं के कांग्रेस मैदान पार्क व श्रीकृष्णापुरी के चिल्ड्रेन पार्क आदि हैं। पार्को के सौंदर्यीकरण के लिए विभागों की कार्यप्रणाली से आजिज उच्च न्यायालय में लोकहित याचिका दायर की गई। इस याचिका पर सुनवाई के बाद न्यायालय द्वारा पारित आदेश के आलोक में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में ‘पटना सौंदर्यीकरण कोषांग’ का गठन हुआ। कोषांग द्वारा लाख प्रयास करने के बावजूद अब तक मात्र 16 पार्क व गोलंबरों के सौदर्यीकरण का कार्य पूरा हो सका है। पार्को व गोलंबरों के सौंदर्यीकरण योजना के गति नहीं पकड़ने का कारण इस मद में राशि का नहीं होना है।ड्ढr ड्ढr इस संबंध में जिलाधिकारी डा. जितेन्द्र कुमार सिन्हा ने बताया कि ‘पटना सौंदर्यीकरण कोषांग’ के पास पार्को व गोलंबरों के विकास के लिए फंड उपलब्ध नहीं है। आउटसोर्सिग के द्वारा इसका विकास कार्य कराया जा रहा है। दूसरी ओर सूत्रों ने बताया कि निजी कंपनियां, बैंक व अन्य संस्था उन्हीं पार्को व गोलंबरों को विकसित करने के लिए आगे आती हैं जिसमें उन्हें फायदा दिखता है। मुहल्लों के पार्को का विकास करने के लिए कोई भी तैयार नहीं हो रहा है। कंकड़बाग इलाके के पार्को व गोलंबरों के विकास में सबसे बड़ा रोड़ा बरसात के दिनों में होने वाला जलजमाव है। जबकि इन्हीं मुहल्लों में पार्को की संख्या सबसे अधिक है।ंं

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