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देश में हर साल 12 लाख नए कैंसर रोगी

तम्बाकू अनेक बीमारियों को जन्म देता है। इसके सेवन से न सिर्फ कैंसर और दमा होता है बल्कि नपुंसकता, बांझपन से लेकर गर्भपात जैसी समस्या होती है। तम्बाकू पदार्थों से होनेवाले राजस्व से अधिक उससे पैदा होनेवाली बीमारियों पर खर्च करना पड़ता है। देश में हर वर्ष 12 लाख नए कैंसर के रोगी जुड़ रहे हैं। आईएमए और तम्बाकू मुक्ित केन्द्र द्वारा बुधवार को ‘तम्बाकू और स्वास्थ्य’ विषय पर आयोजित सेमिनार में विशेषज्ञों ने ये बातें बतायी।ड्ढr ड्ढr प्रसिद्ध चिकित्सक पद्मश्री डा.एस.एन.आर्या ने कहा कि तम्बाकू पर सर्वाधिक कर लगाया जाना चाहिए। अधिक खर्च से लोग इसके सेवन से परहेज करंगे और जो राजस्व आएगा उससे तम्बाकू जनित बीमारियों पर खर्च किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि तम्बाकू का परिष्कृत रूप हेरोइन, चरस, हशीश और नशीली दवाएं हैं। इसका उपयोग विदेशी शक्ितयां देश के आंतरिक और बाहरी सुरक्षा को खतरा पैदा करने में कर रही है। इस मौके पर महावीर कैंसर संस्थान के निदेशक डा.जितेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि एक सव्रेक्षण में विश्व के 55 लाख लोगों ने तम्बाकू छोड़ने की शपथ ली। इनमें से 24 घंटे के अन्दर 58 फीसदी लोगों ने फिर से तम्बाकू का सेवन आरम्भ कर दिया जबकि 48 घंटे के अन्दर शपथ लेनेवालों में 82 फीसदी ने तम्बाकू सेवन आरम्भ कर दिया। उन्होंने कहा कि तम्बाकू निषेध के लिए 15-22 वर्ष के स्कूली-कॉलेज के छात्रों में जागरूकता पैदा करने की जरूरत है।ड्ढr ड्ढr इसके पूर्व आईएमए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डा.एस.एस.अग्रवाल ने बताया कि धूम्रपान करनेवाले खुद को जलाने के साथ परिवार के अन्य लोगों को भी जलाते हैं। सेमिनार को आईएमए के अध्यक्ष डा.बसन्त सिंह, डा.महावीर दास, डा.अरुण कुमार ठाकुर सहित अन्य चिकित्सकों ने संबोधित किया। इस मौके पर डा.(कैप्टन) विजय शंकर सिंह, डा.एस.एल.मंडल, डा.बी.पी.शाही, डा.दिनेश्वर प्रसाद सहित दर्जनों चिकित्सक और गणमान्य लोग उपस्थित थे। आपरेशन के पहले व बाद में मरीजों का अल्ट्रासाउंड होड्ढr पटना (हि.प्र.)। पुकार मुखिया द्वारा किडनी निकालने के गलत आरोप का खामियाजा अब हर ऑपरशन करानेवाले रोगियों को भुगतना होगा। चिकित्सकों के बीच यह मंथन जारी है कि जो भी मरीज ऑपरशन के लिए आएगा उसका ऑपरशन के पूर्व और बाद में अल्ट्रासाउंड जांच करायी जाएगी ताकि उसके किडनी की वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा सके। आईएमए ने चिकित्सकों के इस विचार में हामी भर दी है।ड्ढr ड्ढr पीएमसीएच में हाथ की हड्डी का इलाज कराने आए सीतामढ़ी जिला के पुकार मुखिया ने जनता दरबार में किडनी निकालने का आरोप चिकित्सकों पर लगाया था। इसको लेकर उठा गुब्बार उसी दिन शाम तक थम गया। इस आरोप ने चिकित्सकों को मथकर रख दिया है। वे अब ऑपरशन के पूर्व हर मरीज की किडनी जांच कराने का मन बनाने लगे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि बहुत से लोगों में जन्म से ही एक किडनी नहीं रहती है तो किसी में किडनी की बनावट में विकृति होती है। ऐसे में सामान्य सा ऑपरशन करानेवाला मरीज जिसकी एक किडनी नहीं है वह इसका आरोप चिकित्सक पर मढ़ देगा। इधर आईएमए के सचिव डा.अरुण कुमार ठाकुर ने बताया कि वे भी इस प्रकार के आरोपों से आहत हैं। उन्होंने बताया कि वे अपने सभी सदस्यों से किसी भी मरीज की सर्जरी करने के पूर्व और उसके बाद किडनी की जांच कराने की अपील करंगे। उन्होंने कहा कि इस अत्यधिक बोझ का भार चाहे सरकार उठावे अथवा मरीज को खुद उठानी होगी।

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