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अंग्रेजी सिखाने के लिए बनेगा नया पाठ्यक्रम

यह बात किसी से छिपी नहीं है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों की अंग्रेजी काफी कमजोर होती है। अधिकांश छात्रों को शुद्ध-शुद्ध अंग्रेजी बोलना क्या उन्हें लिखना तक नहीं आता। यह दीगर है कि अधिकांश छात्रों की हिन्दी भी अच्छी नहीं है, लेकिन संचार की मुख्यभाषा अंग्रेजी हो जाने के बाद राज्य सरकार को छात्रों के भविष्य की चिंता सताने लगी है। खासकर प्रदेश में माध्यमिक परीक्षा में अंग्रेजी विषय में काफी कम अंक आने से मानव संसाधन विभाग ने गहरी नाराजगी जतायी है। विभाग के प्रधान सचिव अंजनी कुमार सिंह की माने तो प्राप्तांकों के विश्लेषण से स्पष्ट है कि यहां के बच्चों की अंग्रेजी भाषा में स्थिति अच्छी नहीं है। प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों को अंग्रेजी सिखाने के लिए पिछले वर्ष 20 नवंबर से रडियो संवाद कार्यक्रम इंगलिश क्ष फन शुरू है। इस कार्यक्रम के बाद से बच्चों में अंग्रेजी के प्रति बढ़ते रुझान को देखते हुए विभाग ने माध्यमिक विद्यालयों में भी अंग्रेजी भाषा की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए एक नये पाठय़क्रम की आवश्यकता जतायी है। नये पाठय़क्रम के निर्माण के लिए विभाग ने एडुकेशन डेवलपमेंट सेंटर (ईडीसी) नामक संस्था का चयन किया है। यह संस्था मुजफ्फरपुर के अलावा पश्चिम चंपारण, किशनगंज, पटना, गया, पूर्णिया तथा भागलपुर जिला में स्थिति का मूल्यांकन करगी। उसके आधार पर ही अंग्रेजी के लिए एक नये पाठय़क्रम का निर्माण किया जायेगा। विभाग के प्रधान सचिव ने उक्त सभी सात जिलों के जिला शिक्षा अधीक्षक को पत्र लिखकर कहा है कि संस्था की स्टेट कंसलटेन्ट डॉ. सुनीता सिंह एवं उनका दल जिलों का दौरा करंगा। मूल्यांकन दल को सभी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। नहीं मिल रहीं पाठय़पुस्तकें, पढ़े तो कैसेड्ढr मुजफ्फरपुर (मु.का.)। एनसीईआरटी की वर्ग पांच, वर्ग आठ की और बिहार टेक्स्ट बुक की वर्ग आठ से दस तक की किताबें बाजार में नहीं मिल रही हैं। छात्र और उनके अभिभावक दुकानों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन भारी मन से वापस लौट जा रहे हैं। बीटीबीसी की किताबें जहां अबतक सप्लाई ही नहीं हुई हैं। एनसीईआरटी की वर्ग पांच और आठ की किताबें बदल गई हैं। लेकिन ये किताबें बाजार में उपलब्ध नहीं हैं। बीटीबीसी के जिला बिक्री अधिकारी हिमांशु कुमार ने बताया कि अपैल के तीसर सप्ताह तक किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी। पर, जिला शिक्षा अधिकारी राधाकृष्ण सिंह यादव ने किताबों की कमी पर अनभिज्ञता प्रकट करते हुए कहा कि यदि शिकायत मिलती है तो अधिकारियों से बात की जाएगी।ड्ढr मोतीझील स्थित किताब के थोक विक्रेता विद्याभवन के मालिक बिन्नू सिंह ने बताया कि बीटीबीसी कि किताबों की सप्लाई ही नहीं हुई हैं। उन्होंने बताया कि सीबीएसई पैटर्न लागू होने के बाद बीटीबीसी खुद एनसीईआरटी की किताबें छाप रही है। फिर भी, अबतक किताबें उपलब्ध नहीं कराई गई है।ड्ढr ड्ढr उधर शंकर पुस्तक भंडार के मालिक हरि प्रसाद ने बताया कि दुकान पर बड़ी संख्या में छात्र और अभिभावक आतें हैं, उन्हें खाली हाथ लौटाना पड़ता है। हमलोगों पर छात्रों और अभिभावकों का भारी दबाव है, पर हम क्या कर सकते हैं। बैरिया निवासी नीरा कुमार कहते हैं कि उनका पुत्र मारवाड़ी हाई स्कूल के कक्षा दस में पढ़ता है। कहते हैं, जब भी घर से निकलता हूं तो वह किताब लाने को कहता है, लेकिन बाजार में किताबें नहीं मिल रही हैं। इससे उसकी पढ़ाई चौपट हो रही है। मारवाड़ी हाई स्कूल के प्राचार्य अमरनाथ प्रसाद सिंह ने बताया कि किताब के कारण विद्यालय में छात्रों को पढ़ाने में काफी कठिनाई हो रही है। शिक्षक वर्ग लेने से कतरा रहे हैं।

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