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पाक में छात्र शक्ित के उभार परच सवाल

पाक के विश्वविद्यालयों व कॉलेजों के कैम्पस इन दिनों बदलाव की एक नई बयार से रू-ब-रू हो रहे हैं। देश के नए प्रधानमंत्री यूसुफ राा गिलानी द्वारा छात्र संघों पर से प्रतिबंध समाप्त किए जाने के बाद कैम्पसों का नजारा बदलता दिख रहा है। हालांकि कई लोग छात्रों को ताकत दिए जाने को लेकर संदेह में हैं। जनरल जिया उल हक के शासनकाल के दौरान वर्ष 1में छात्र संघ पर प्रतिबंध लगाया गया था। प्रतिबंध हटाए जाने पर पूर देश में छात्र समुदाय खुशियां मना रहा है। लेकिन विरोधी ताकतें इस सरकारी फैसले से नाराज हैं और उन्होंने दावा किया है कि इससे छात्र हिंसा की घटनाओं में क्षाफा होगा। हालांकि देश के कैम्पसों के आंकड़े इन दावों की पोल खोल रहे हैं। देश की छात्र राजनीति पर केंद्रित एक रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 1से 1े बीच, जब छात्र संघ सक्रिय थे छात्रों के बीच 151 बार झगड़े, 13 छात्र मार गए, 284 घायल, 800 गिरफ्तार हुए और 110 छात्र निष्कासित किए गए। इसके विपरीत, वर्ष 1से 2004 के बीच, जब प्रतिबंध लगा दिया गया छात्रों के आपसी झगड़ों के 525 मामले सामने आए, कुल मिलाकर 165 छात्र मर, 12,010 छात्र घायल, 7,235 गिरफ्तार किए गए व निष्कासित किए गए।

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  • Web Title: पाक में छात्र शक्ित के उभार परच सवाल