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झारखंड से उड़ गयी बिजली

गर्मी शुरू होते ही एक बार फिर पूर झारखंड की बिजली गुल हो गयी है। बिजली संकट का आलम यह है कि अकेले राजधानी में लगातार घंटों बिजली ठप रही और रात को घुप्प अंधेरा छाया रहा। बिजली का अचानक आया यह संकट टीवीएनएल, सिकिदरी और पीटीपीएस का एक साथ ठप हो जाना है। टय़ूब लीकेा के कारण बीती रात से ही टीवीएनएल से उत्पादनबंद है। दस अप्रैल को शाम 7.30 बजे पीटीपीएस से भी उत्पादन बंद हो गया है। यहां की तीन इकाइयों से 155 मेगावाट उत्पादन हो रहा था। वहीं सिकिदिरी डैम का पानी रोक दिये जाने से सिकिदिरी जल विद्युत परियोजना से उत्पादन ठप हो गया है। यहां से पीक आवर में प्रति दिन दो घंटे बिजली का उत्पादन हो रहा था। पीटीपीएस और टीवीएनएल से उत्पादन ठप होने के कारण राज्य को आधी से भी कम बिजली की आपूर्ति की जा रही है। गर्मी शुरू होते ही राज्य में बिजली की खपत बढ़ गयी है। दिन में 760 से 765 मेगावाट और पीक आवर में यह बढ़कर 0 से मेगावाट हो गयी है। एक ओर खपत बढ़ गयी है, वहीं उत्पादन में भारी गिरावट आयी है।ड्ढr 10 अप्रैलको दिन में पीटीपीएस की तीन इकाइयों से 155 मेगावाट उत्पादन हो रहा था। पीटीपीएस बंद होने के बाद सेंट्रल सेक्टर से 150 और डीवीसी से 150 मेगावाट बिजली मिल रही है। राजधानी में बिजली की खपत 150 से 180 मेगावाट है जबकि 120 से 125 मेगावाट बिजली ही मिल रही है। इस कारण रांची और आस-पास के ग्रामीण इलाकों में लोड शेडिंग की जा रही है। राजधानी में घंटों लोड शेडिंग हो रही है और ग्रामीण क्षेत्र अंधेर में हैं।ड्ढr राज्य बिजली बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि यहां बिहार के बोधगया ट्रांसमिशन लाइन से बिजली की आपूर्ति की जाती है। ट्रांसमिशन लाइन में आयी खराबी के कारण नॉर्दर्न जोन से बिजली ली जा रही है। प्रमंडल में बिजली की खपत 40 से 45 मेगावाट है। लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, खूंटी और जमशेदपुर सहित कोल्हान प्रमंडल के जिलों में लोड शेडिंग हो रही है। बिजली की कमी का असर आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगों पर पड़ा है। कारखाना चालू रखने के लिए उद्यमियों को जेनरटर का सहारा लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।ड्ढr उधर, पलामू प्रमंडल को यूपी से 25 मेगावाट बिजली दी जा रही है। बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि यहां बिहार की बोधगया ट्रांसमिशन लाइन से बिजली की आपूर्ति की जाती है। ट्रांसमिशन लाइन में आयी खराबी के कारण नॉदर्न जोन से बिजली ली जा रही है। प्रमंडल में बिजली की खपत 40 से 45 मेगावाट है। संथाल परगना में बिजली की हालत खस्ता है और लोग गर्मी के इस मौसम में बेहाल हैं।

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