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सामाजिक न्याय की जीत हुई : अजरुन

ेंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री अजरुन सिंह ने गुरुवार को कहा कि अन्य पिछड़े वर्ग के दाखिले पर देश की सर्वोच्च अदालत के ऐतिहासिक फैसले से सैकड़ों छात्रों को उच्च शिक्षा का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि कोर्ट के फैसले से सामाजिक न्याय की यूपीए सरकार की अवधारणा पुष्ट हुई है।ड्ढr ड्ढr लेकिन विभिन्न राजनीतिक दलों ने इस अदालती फैसले पर जो राय व्यक्त की है, उससे इस बात के पूर आसार हैं कि सरकार पर क्रीमी लेयर को भी आरक्षण का लाभ दिलाने का राजनीतिक दबाव अभी भी बना रहेगा।ड्ढr इस बीच आरक्षण के तहत दाखिले का फैसला आने के बाद आईआईएम, आईआईटी, फिल्म इंस्टीटय़ूट (पुणे), स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आरर्किटेक्चर, एम्स और पीजीआई (चंडीगढ़) सहित दर्जनों शैक्षिक संस्थानों ने अपने दाखिले की निर्धारित तारीख आगे बढ़ाने की घोषणा की है। कोटे के तहत दाखिले का लाभ इसी सत्र से लागू किया जाएगा। आईआईटी (दिल्ली) के निदेशक प्रो. सुरेंद्र प्रसाद ने कहा कि कोटा लागू होने का बाद दाखिले का परिदृश्य बदल गया है। आईआईएम (अहमदाबाद) केंद्र के निदेशक समीर बरुआ ने कहा कि हमें अगले सप्ताह दाखिले की सूची जारी करनी थी, लेकिन अब वह बाद में जारी की जाएगी।ड्ढr ड्ढr देश के 25 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में भी यह लाभ इसी सत्र से मिलेगा। अदालत के फैसले का अगड़े वर्ग के छात्रों पर कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि वीरप्पा मोइली की अध्यक्षता वाली ओवरसाइट क मेटी ने ओबीसी के लिए 27 फीसदी सीटें आरक्षित करने की एवज में इतनी ही सीटें जनरल कोटे में भी बढ़ाने की सिफारिश की थी।

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