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बारा और करछना बिजली परियोजनाएँ भी लैन्को को

अनपरा सी बिजली परियोजना हासिल करने के बाद हैदराबाद की कंपनी लैन्को इंफ्राटेक ने अब इलाहाबाद जिले में निजी क्षेत्र में लगने वाले बारा व करछना बिजलीघरों को भी अपनी झोली में डाल लिया है। शुक्रवार को यहाँ खुले टेण्डर में लैन्को ने दोनों परियोजनाओं के लिए सबसे कम दर पर उत्तर प्रदेश को बिजली बेचने का प्रस्ताव किया है। बारा के लिए उसने 2.88 रुपए प्रति यूनिट व करछना के लिए 2.83 रुपए प्रति यूनिट की दर दी है। रिलायंस एनर्जी अनपरा सी की ही तरह इस बार भी लैन्को से पिछड़ गई। उसकी दरं दूसर नंबर पर रहीं। उसने बारा के लिए 2.व करछना के लिए 3.05 रुपए की दर दी।ड्ढr बारा व करछना की संयुक्त क्षमता 3300 मेगावाट है। इसमें बारा 10 व करछना 1320 मेगावाट है। एक हाार मेगावाट की अनपरा सी को मिला कर अब लैन्को के पास प्रदेश में निजी क्षेत्र में रही लग रही तीनों परियोजनाएँ हैं। यानी कुल 4300 मेगावाट बिजली उत्पादन उसके पास होगा।ड्ढr प्रदेश के ऊरा क्षेत्र से जुड़े जानकारों के मुताबिक बिजली के मामले में यह एकाधिकार अच्छा संकेत नहीं। हालांकि बिजली महकमे के अधिकारियों का कहना है कि करार के तहत सब होगा लिहाजा गड़बड़ी का कोई पेच नहीं फँसेगा। बारा-करछना के लिए अब ऊरा टास्क फोर्स व कैबिनेट की बैठक के बाद दरों को नियामक आयोगा की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।ड्ढr बारा व करछना परियोजनाओंे की खास बात यह है कि इनका बुनियादी ढाँचा खुद पावर कार्पोरशन ने विकसित किया। उसके बाद निजी कंपनियों से बिजलीघर लगाने व बिजली बेचने की बोली लगाने को कहा गया। प्रदेश को सबसे कम दर पर बिजली बेचने वाली कंपनी को परियोजनाएँ देने का प्रावधान है। कंपनी को इन परियोजनाओं की नब्बे फीसदी बिजली प्रदेश को बेचनी होगी जबकि बाकी दस फीसदी बिजली वह खुले बाजार में बेचने को स्वतंत्र होगी।

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