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फिल्म महोत्सव को सरकारी हाथों से मुक्त कर सरकार

फिल्म महोत्सव को सरकारी हाथों से मुक्त कर सरकार। राज्य सरकार को अब इनका आयोजन फिल्म प्रेमियों, फिल्म फेडरशनों और फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों को सौंप देना चाहिए। मैं खुद इस बार में मुख्यमंत्री से बात करूंगा। ये बातें राज्यपाल आर एस गवई ने शुक्रवार को स्थानीय श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में पटना फिल्म महोत्सव 2008 के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहीं।ड्ढr ड्ढr शुक्रवार को बिहार के गौरव गान की रंगारंग प्रस्तुति के साथ महोत्सव का विधिवत समापन हुआ। उन्होंने फिल्म-निर्माता निर्देशक प्रकाश झा द्वारा उठायी गई मांग से सहमति जताते हुए कहा कि इससे फिल्म महोत्सव के आयोजन को चार चांद लग जाएगा। उन्होंने कहा कि मनोरांन के साथ लोगों को शिक्षित करने में फिल्मों का काफी बड़ा योगदान है। श्री गवई्र ने बिहार और बिहारियों की तारीफ करते हुए कहा कि राज्य में पूर देश को खिलाने का माद्दा है। इस मौके पर सूचना एवं जनसंपर्क राज्यमंत्री अजरुन राय ने कहा कि इस आयोजन ने राज्य में एक माहौल विकसित करने में मदद की है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा चलाए जा रहे फिल्म एप्रिशिएशन कोर्स के माध्यम से लोगों खासकर युवाओं में फिल्मों के प्रति समझ बढ़ी है। उन्होंने मीडिया को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस साल महोत्सव के दौरान किसी भी प्रकार का विवाद नहीं हुआ। समापन समारोह को संबोधित करते हुए प्रकाश झा ने कहा कि अब फिल्म महोत्सव का आयोजन फिल्म प्रेमियों को सौंप देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लगातार तीसर साल इस महोत्सव का आयोजन अपने आप में सराहनीय प्रयास है।ड्ढr उन्होंने युवाओं को फिल्म को कैरियर के रूप में अपनाने की सलाह दी। कार्यक्रम के आरंभ में अपने स्वागत भाषण में सचिव राजेश भूषण ने एनएफडीसी और नेशनल फिल्म आर्काइव्स को धन्यवाद दिया। समारोह को आर एन दास, ब्लैक एंड व्हाईट फिल्म के नायक अनुराग सिन्हा आदि ने भी संबोधित किया।

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