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अब ईमानदार व अनुशासित ही बन पाएंगे दारोगा

पुलिस वाले जनता की जेब में हाथ डालें सरकार को यह गवारा नहीं। लक्ष्य है ईमानदार और अनुशासित पुलिस बल की नई पौध। दारोगा की नई बहाली भी इसी बुनियाद पर होगी। पुलिस महकमे से लेकर उन अभ्यर्थियों तक को जो दारोगा बनने की तैयारी में जुटे हैं, सरकार ने इस बात के स्पष्ट संकेत दे दिए हैं। लगातार विवादों से घिरी दारोगा बहाली की प्रक्रिया से भी वही अभ्यर्थी चुनकर निकलेंगे जिनका विश्वास ईमानदार और अनुशासित पुलिस बल में होगा। भविष्य में थानों में दारोगा की कुर्सी पर बैठने वाले ये वही चुने अभ्यर्थी होंगे जिनके पास पीड़ित जनता न्याय की गुहार लगाएगी। उनका दर्द सुनने की बजाय उनकी जेबें टटोली जाएं, सरकार इस आशंका को निमरूल करने में जुटी है। इसकी मुकम्मल मॉनीटरिंग की व्यवस्था की जा रही है।ड्ढr ड्ढr गड़बड़ी के पकड़ में आते ही कार्रवाई तय है। इस दायर में वे सभी लोग होंगे जो किसी न किसी वजह से प्रक्रिया में अड़चन पैदा कर रहे हैं। वे चाहे जिम्मेदार पदों पर बैठे अफसर-कर्मचारी हों या फिर अभ्यर्थी। पुलिस मकहमे के आला अधिकारियों की मानें तो सरकार की कोशिश पुलिस में एक ऐसी नई पौध उगाने की है जो ईमानदारी की मिसाल कायम करते हुए जनता का भरोसा जीत सके । हंगामा करवाने और करने वालों पर कतई भरोसा नहीं किया जा सकता। इसको ध्यान में रखकर दारोगा बहाली की प्रक्रिया में पेंच फंसाने वालों की शिनाख्त शुरू की गयी है।ड्ढr आधिकारियों के अनुसार इस बार दारोगा के करीब डेढ़ हजार पदों पर वही अभ्यर्थी चुने जाएंगे जो हर तरीके से कसौटी पर खरे उतरंगे। शिकायतों पर गौर करते हुए कर्मचारी चयन आयोग ने यह साफ कर दिया है कि दो जगहों से आवेदन करने के बावजूद किसी के लिए दारोगा बनना मुमकिन नहीं होगा। अगर बन भी गए तो उन्हें वर्दी उतारनी होगी।ड्ढr ड्ढr बहाली में गड़बड़ी की सीबीआई जांच हो : राजदड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। राजद ने दारोगा बहाली में भाई-भतीजावाद एवं पैसे का खेल चलने का आरोप लगाते हुए सीबीआई से गड़बड़ी की जांच कराने की मांग की है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सह प्रवक्ता श्याम रजक, प्रदेश प्रवक्ता शकील अहमद खां एवं प्रदेश महासचिव निहोरा प्रसाद यादव ने कहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चयन प्रक्रिया को रद्द करते हुए नये सिर से नियुक्ित प्रक्रिया शुरू करायें। गड़बड़ी करने वाले दोषी पदाधिकारी पर कार्रवाई कर आंदोलित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाएं। उन्होंने कहा है कि सरकार के इशार पर चहेते लोगों की शारीरिक जांच, माप एवं स्वास्थ्य परीक्षण में पक्षपात किया जा रहा है। बड़े पैमाने पर घोटाले हो रहे हैं और पैसों का खेल चल रहा है। हाईकोर्ट के निर्देशों की भी धज्जियां उड़ायी जा रही हैं।ड्ढr ड्ढr एक से अधिक स्थान से आवदेन करने वालों को सुयोग्य मानकर प्रवेश पत्र निर्गत कर दिया गया है। राज्य कर्मचारी चयन आयोग इसे मानव भूल मानकर अपनी दोष छुपाने में लगा हुआ है जबिक कानून में मानवीय भूल का स्थान नहीं है। सफल एवं असफल अभ्यर्थियों की सूची बनाने वाले बेलट्रॉन और आयोग की सूची में एकरूपता नहीं है। आयोग की सूची में सफल कुछ प्रत्याशी बेलट्रॉन की सूची में असफल हैं तो बेलट्रॉन की सूची में सफल प्रत्याशी आयोग की सूची में असफल हैं। इससे स्पष्ट है कि दारोगा की नियुक्ित प्रक्रिया में पक्षपात, भाई-भतीजावाद एवं भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है। आये दिन अभ्यर्थियों द्वारा आंदोलन किये जा रहे हैं और पूरे प्रदेश की जनता भी नियुक्ित प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों को जान चुकी है।

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