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महंगाई की आग और भड़की

लाख कोशिशों के बावजूद महंगाई की रफ्तार थामने में विफल रही सरकार ने शुक्रवार को उस समय हाथ खड़े कर दिए, जब पता चला कि 2मार्च को खत्म हुए सप्ताह में मुद्रास्फीति की दर में और इजाफा हो गया है और यह 7.41 फीसदी हो गई है। इससे पहले 22 मार्च को खत्म हुए सप्ताह में यह सात फीसदी थी। महंगाई की यह दर पिछले 40 महीने में सबसे ज्यादा है।ड्ढr ड्ढr यह मुद्दा शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में भी उठा। रल मंत्री लालू प्रसाद सहित कई मंत्रियों ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री को ध्यान आकृष्ट किया। इस बार में विज्ञान और तकनीकी मंत्री कपिल सिब्बल ने बताया कि सरकार के पास जादू की छड़ी नहीं है कि घुमाया और महंगाई रुक गई। वहीं रल मंत्री लालू प्रसाद ने इसका ठीकरा भाजपा समर्थक व्यापारियों पर फोड़ा। उन्होंने कहा कि व्यापारी साजिश कर दाम बढ़ा रहे हैं ताकि अगले चुनाव में संप्रग जीत न सके। हालांकि इस्पात और रसायन मंत्री रामविलास पासवान इसे लेकर चिंतित नजर आए और उन्होंने इस्पात उद्योग को चेतावनी दी कि अगर मुनाफाखोरी बंद न हुई तो सरकार खुद इस्पात के दाम तय कर सकती है। महंगाई को लेकर वामदलों ने सरकार पर निशाना साधा है।ड्ढr ड्ढr माकपा के सीताराम येचुरी और भाकपा के डी. राजा ने कहा कि सरकार अगर उचित कदम नहीं उठाती तो हम जनता की अदालत में जाएंगे। इस बीच कैबिनेट ने महंगाई पर अंकुश लगाने के लिए जमाखोरी और कोलाबाजारी रोकने की कोशिश तेज करने को फैसला किया है। इसके तहत आवश्यक वस्तु अधिनियिम के प्रावधानों क ो कड़ाई से लागू किया जाएगा। इस बार में राज्यों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बढो़तरी क ो अंतर्राष्ट्रीय समस्या बताते हुए सिब्बल ने कैबिनेट बैठक के बाद कहा कि सरकार महंगाई पर अंकुश लगाने के हरसंभव कदम उठा रही है लेकिन यह सिर्फ भारत की समस्या नहीं है। दुनिया के अनेक देश इस समस्या से जूझ रहे हैं।ड्ढr लोहा, स्टील तथा फल-सब्जियों, गेहूं, चीनी और मसाला जैसी आवश्यक वस्तुओं के दामों में बढ़ोतरी से महंगाई की दर 2मार्च को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान 0.41 प्रतिशत बढ़कर पिछले करीब साढ़े तीन वर्ष के उच्चतम स्तर 7.41 प्रतिशत पर पहुंच गई। वहीं बैंकों ने उम्मीद जताई है कि महंगाई की रफ्तार को थामने के लिए रिार्व बैंक सीआरआर दर में 0.50 फीसदी की वृद्धि करगा। 2अप्रैल को रिार्व बैंक समीक्षा बैठक करने जा रहा है। बैंकों ने यह भी उम्मीद जताई कि ब्याज दरों में वृद्धि नहीं की जाएगी, ताकि आर्थिक विकास की रफ्तार पर ब्रेक न लगे। बाजार विशलेषक भी महंगाई की दर की उम्मीदों से बहुत अधिक मान रहे हैं।

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