class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मंत्रियों से इस्तीफा तैयार रखने को कहा गया

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंत्रिमंडल विस्तार से पहले अपने मंत्रियों का इस्तीफा ले सकते हैं। ताकि ढाई वर्षो के परफॉरमेंस के आधार पर विभागों का वितरण कर सकें। मंत्रियों को भी इस्तीफा देने के लिए दिमागी तौर पर तैयार रहने के लिए कहा गया है। माना जा रहा है कि विभागों के मामले में बड़ा फे्नरबदल होगा।ड्ढr ड्ढr नई टीम के साथ ही एनडीए लोकसभा और विधानसभा के चुनावों में जाएगा। खबर है कि ढाई वर्षो के कामकाज के मूल्यांकन के आधार पर ही विभागों का बंटवारा होगा। इस अवधि में मुख्यमंत्री ने अपनी टीम के सभी सदस्यों के कामकाज का तटस्थ ढंग से मूल्यांकन किया है। एक-एक मंत्री के विभाग की खूबियों और खामियों की फेहरिस्त मुख्यमंत्री के पास है। बेहतर काम न करनेवाले मंत्रियों की छुट्टी भी तय मानी जा रही है। छंटनी का आधार यह होगा कि पर्याप्त समय मिलने के बाद भी कोई वे कोई काम क्यों नहीं कर पाए। न काम करनेवाले मंत्रियों को भी अपने हश्र का अंदाजा है। ऐसे मंत्री लॉबी बनाने में सक्रिय हो गए हैं।ड्ढr ड्ढr यह अलग बात है कि मुख्यमंत्री तक उनकी पैरवी पहुंचानेवाला कोई नहीं है। थोड़ी परशानी भाजपा कोटे के मंत्रियों की छंटनी में हो सकती है। मगर, मुख्यमंत्री ऐसे लोगों के मुद्दे पर कोई समझौता करने के लिए तैयार नहीं हैं। विस्तार में देर भी भाजपा के चलते हो रही है। भाजपा तय नहीं कर पा रही है कि उसके कौन विधायक मंत्रिपरिषद में शामिल होंगे और किन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। जदयू कोटे के मंत्रियों की छंटनी में उनके सामने कोई परशानी नहीं है। अपने कोटे के संभावित मंत्रियों की सूची लगभग तैयार है। मुख्यमंत्री ने पुलिस और प्रशासन में जिस तरह से फेरबदल किया है, उसका संकेत यही है कि काम न करनेवाले मंत्रियों को भी वे अपनी टीम में नहीं रखेंगे।ं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: मंत्रियों से इस्तीफा तैयार रखने को कहा गया