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हटाये गए कर्मियों को ही फिर दवा भंडार का दायित्व

सरकार (स्वास्थ्य मुख्यालय) का निर्देश पीएमसीएच में लागू नहीं होता है! स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों ने जिन कर्मियों को हटाया पीएमसीएच प्रशासन ने उन्हें ही दवा भण्डारों का पूरा दायित्व सौंप दिया। अब चाहे तो अपनी जवाबदेही से मुकरने का मामला हो या कर्मियों के चंगुल में धिर होने का आरोप। फजीहत झेल रही है प्रदेश की गरीब जनता।ड्ढr ड्ढr पूर प्रदेश के निरीह और बीपीएल परिवारों से आने वाले मरीजों के लिए पीएमसीएच का दर्जा सबसे ऊपर है। इसी हप्ते आईजे वार्ड में भर्ती मरीज के परिजनों ने अस्पताल की दवाएं बाजार में बेचने का मामला प्रकाश में लाया तो उन दोषी कर्मियों के रैकेट की बात फिर से अस्पताल में चर्चा में आ गई है। पिछले वर्ष अगस्त में स्वास्थ्य विभाग की तत्कालीन संयुक्त सचिव डा. प्रतिमा ने पीएमसीएच के औषधि एवं शल्य भंडारों के निरीक्षण में कई तरह की अनियमिताएं पकड़ी थीं जिसके बाद दोनों भंडारों के सभी कर्मियों को हटा दिया गया था। पर चार महीने बाद अनियमितता करने के दोषी दो कर्मी भैषज्य रघुनाथ शरण सिंह एवं शिवेन्द्र कुमार को फिर से शल्य एवं औषधि भंडार का प्रभार यह कहते हुए दे दिया गया है कि भंडारों के हर स्तर पर कार्यकलापों का पूर्णरूपेण दायित्व उनकी ही होगी। उनके सत्यापन के उपरान्त ही भंडार के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अग्रतर कार्रवाई करंगे। जबकि स्वास्थ्य विभाग ने दवा भंडारों में प्रतिनियुक्त कर्मियों को हटाकर जांच प्रतिवेदन में अंकित बिन्दुओं पर उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर अग्रेतर कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। इस पर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उसी आरोप में हटाये गये दोनों भंडारों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को फिर से उसी पद पर वापस नहीं लाया गया पर कर्मियों को फिर से वहां प्रतिनियुक्त कर दिया गया है जिससे संशय उत्पन्न हो रहा है।ड्ढr हालांकि पीएमसीएच के उपाधीक्षक डा. आरके सिंह ने कहा कि इन कर्मियों पर आरोप प्रमाणित नहीं हुआ है जिसके कारण अस्पताल का काम चलाने के लिए फिर से उन्हें दवा भंडार का काम दूसर रूप में सौंप दिया गया है।

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  • Web Title: हटाये गए कर्मियों को ही फिर दवा भंडार का दायित्व