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महिलाआें से पिटना सौभाग्यशाली मानते हैं मर्द!

ाब बात लाभ की हो तो लोग कुछ भी करने को तैयार हो जाते हैं। अब देखिए न महिलाआें पर हमेशा अत्याचार करने वाले मर्दो की जमात रूढ़ियों के चलते महिलाआें से अपनी पिटाई तक करवा लेती है। मध्य प्रदेश के देवास के आदिवासी अंचल में वर्षो से चली आ रही मान्यता के तहत शुक्रवार को भी महिलाआें ने मर्दो की पिटाई की और मर्दो ने इसे अपना सौभाग्य माना। देवास के आदिवासी बहुल इलाकों में मान्यता है कि नवरात्रि की पंचमी को जो भी मर्द महिलाआें के हाथों पिटता है उसका आने वाला वर्ष सफलताआें और उपलब्धियों से भर जाता है। इसलिए पुरुष वर्ग पिटाई का विरोध नहीं करता और हंस-हंस कर इस पिटाई को स्वीकार कर जाता है। शुक्रवार के दिन आदिवासियों के गांव बोरपड़ाव में एक विशेष आयोजन किया गया। परंपरा के मुताबिक चौराहे पर लगे एक खंभे पर गुड़ और मक्के का प्रसाद बांधकर टांगा गया। इस खंभे को घेर कर बेत लिए महिलाएं खड़ी थीं। मर्द टोलियों की शक्ल में खंभे पर टंगा प्रसाद हासिल करने जाते हैं और इसी कोशिश के दौरान महिलाएं उनकी पिटाई करती हैं। गण गौर तीज के मौके पर होने वाले इस आयोजन को लेकर मान्यता है कि प्रसाद पाने की कोशिश में महिलाआें से होने वाली पिटाई माता का आशीर्वाद होता है। जो जितना ज्यादा पिटता है उसका आने वाला वर्ष उतना ही अच्छा होता है। इस मौके का नजारा बरसाने की लट्ठ मार होली जसा होता है। जहां एक आेर महिलाए मर्दो की पिटाई कर रही होती हैं वहीं मर्द प्रसाद पाने के लिए खंभे की आेर दौड़ लगाता होता है। इस सारे नजारे को देखने सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हुई। घंटों चले इस परंपरा के खेल का लोगों ने जमकर मजा लिया।ंं

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