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तिब्बत चीन का आंतरिक मामला : हू जिन्ताओ

चीन के राष्ट्रपति हू जिन्ताओ ने शनिवार को कहा कि तिब्बत मसला पूरी तरह से चीन का आंतरिक मामला है। उन्होंने कहा कि यह कोई धार्मिक, सांस्कृतिक या मानवाधिकार का मामला नहीं है, यह पूरी तरह से देश की एकता और अखंडता का मामला है। उन्होंने कहा कि यह समस्या अपनी मातृभूमि को अखंड बनाए रखने का है। उन्होंने यह वक्तव्य ऑस्ट्रेलियन प्रधानमंत्री केविन रूड से हेनान प्रांत के सान्या शहर में मुलाकात के दौरान दिया। उन्होंने कहा कि तिब्बत की राजधानी ल्हासा में पिछले दिनों हुआ विरोध प्रदर्शन अहिंसक नहीं था, जैसा कि कुछ लोग दावा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह एक हिंसक कार्रवाई थी। कोई भी सक्षम सरकार इस तरह की कार्रवाईयों को चुपचाप बैठकर नहीं देख सकती। उन्होंने यह भी कहा कि दलाई लामा से बातचीत का रास्ता हमेशा से खुला है। समस्या हमारी तरफ से नहीं है, अगर दलाई लामा बातचीत के प्रति ईमानदार हैं तो इसके लिए आगे आएं, और देश को तोड़ने वाली कार्रवाईयों का तथा वीजिंग ओलंपिक का विरोध करना बंद करें। उसके बाद हम उनसे बात करने को तैयार हैं। ड्ढr ऑस्ट्रेलियन प्रधानमंत्री केविन रूड ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया ताईवान और तिब्बत पर चीनी अधिकार को हमेशा मान्यता देता आया है और अभी भी अपनी इस नीति पर कायम है।

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