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तबादला रुकवाने के लिए बेटी ही बदल दी!

तबादला रुकवाने के लिए यूँ तो कर्मचारी हर जुगाड़ लगाते हैं, लेकिन गाजियाबाद में जल निगम में तैनात एक इंजीनियर ने तो इसके लिए दूसरे की बेटी को ही अपना बता दिया। इस फर्ाीवाड़े का जाँच में पर्दाफाश हो गया। तबादला रुकवाने में लगे इंजीनियर साहब के अब जेल जाने की नौबत है।ड्ढr यह कहानी है अधिशासी अभियंता महेन्द्र सिंह की। झाँसी तबादले से परशान महेन्द्र इसे रुकवाने की जुगत में लग गए। किसी ने उन्हें सलाह दी कि अगर वह अपने बच्चों की परीक्षा का बहाना कर दें तो ट्रांसफर रुक सकता है। इंजीनियर साहब की बिटिया का इम्तिहान हो चुका था और उसका बहाना वह बना नहीं सकते थे। इस बीच, उन्हें पता चला कि उनकी बेटी के नाम की एक और लड़की उसी स्कूल में पढ़ती है और वह हाईस्कूल परीक्षा दे रही है। इत्तिफाक यह भी था कि उसके पिता का नाम भी महेन्द्र सिंह है। इंजीनियर साहब ने इस लड़की की कक्षा और परीक्षा का ब्योरा पता किया और शासन को अर्जी भेज दी। सरकार ने इस पर उनका तबादला रोक दिया। कहानी ‘हेराफेरी’ से जुड़ी फिल्मी कहानी से कम नहीं थी तो विलेन को भी होना ही था। किसी ने विभाग में शिकायत की कि महेन्द्र सिंह ने दूसर की बेटी को अपना बताकर तबादला रुकवाया है। शासन ने जाँच के आदेश दिए तो संबंधित स्कूल की प्रिंसिपल ने बताया कि हाईस्कूल परीक्षा दे रही लड़की, इंजीनियर साहब की नहीं है। अब प्रमुख सचिव नगर विकास एस.आर. लाखा ने इंजीनियर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।

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