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नेपाल में प्रजातंत्र का प्रचंड

नेपाल के संविधान सभा चुनावों में भारी विजय की ओर अग्रसर माओवादी एक नया इतिहास लिखने को तैयार हैं। शुरुआती नतीजे बता रहे हैं कि माओवादियों को बहुमत मिल सकता है। अभी तक घोषित 47 परिणामों में माओवादियों ने 25 पर अपनी जीत दर्ज की है, जब कि नेपाली कांग्रेस को 10 और सीपीएन को आठ सीटें मिली हैं। दिलचस्प यह है कि माओवादी 65 सीटों पर आगे चल रहे हैं। द नेपाल वर्कर्स और पीजेंट्स पार्टी को दो-दो सीटें ही मिल सकी हैं। नेपाली कांग्रेस 24 सीटों पर आगे चल रही है और सीपीएन (यूएमएल) 18 सीटों पर बढ़त बनाये हुए है। माओवादियों की यह जीत 23साल पुरानी नेपाली राजशाही के ताबूत में आखिरी कील साबित होगी। ऐसे में राजा व उनके परिवार को जल्द ही नारायणहिती राजमहल छोड़ना पड़ सकता है। उम्मीद है कि संविधान सभा की पहली बैठक में ही नेपाल को संघीय गणतंत्र बनाने के प्रस्ताव पर मुहर लग जाएगी। अपनी पार्टी की जीत से बेहद खुश माओवादी नेता प्रचंड ने कहा कि उनकी पार्टी नेपाल में शांति और तरक्की के लिए सभी राजनीतिक दलों के साथ मिल कर काम करगी। उन्होंने कहा, ‘सभी की निगाहें हम पर लगी हैं। यह हमार लिए एक सकारात्मक चुनौती है।’ इस बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जिमी कार्टर ने कहा है कि संविधान सभा चुनावों के परिणामों का बुश-प्रशासन समेत पूरी दुनिया स्वागत करगी। उन्होंने कहा, ‘नेपाल ने पूरी दुनिया के सामने एक उदाहरण पेश किया है। माओवादी बदल गए हैं और मुझे उम्मीद है कि अमेरिका उन्हें मान्यता देगा और भावी नेपाल सरकार के साथ कारोबारी रिश्ते कायम करगा।’ड्ढr भारत के सामने कोई समस्या नहीं होगीअभी सार नतीजे नहीं आये हैं। इस चुनाव में माओवादियों की भारी जीत होती है तो भी भारत के सामने कोई समस्या नहीं होगी। वैसे, माओवादी संविधानसभा में अकेले नहीं होंगे। अभी देखना होगा, आगे कैसी स्थिति उभरती है।ड़्ढr माओवादियों का गाढ़ा रंग होगा फीकापरिणाम अप्रत्याशित है। सत्ता में आने पर माओवादियों का गाढ़ा लाल रंग भी धूमिल होगा। भारत नेपाल के रिश्तों में कठिनाइयां आयेंगी पर वहां के माओवादी आधुनिक सोच वाले हैं। वे ज्यादा असंतुलित नहीं होंगे।

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  • Web Title: नेपाल में प्रजातंत्र का प्रचंड