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कैदी हत्याकांड में बेउर जेल अधीक्षक फंसे

आदर्श केन्द्रीय कारा बेऊर में 10 वर्ष की सजा काट रहे कैदी सुजीत साह उर्फ हिरामन की गुरुवार को हुई हत्या मामले में जेल अधीक्षक व अन्य अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। मृतक के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी गला दबाकर हुई हत्या की पुष्टि और घटना के संभावित समय ने यह जाहिर कर दिया है कि उसकी हत्या जेल में ही कर दी गई।ड्ढr ड्ढr जेल में घटी इस वीभत्स घटना पर पर्दा डालने और उसपर लीपापोती के ख्याल से जेल अधिकारियों ने हत्या की वारदात को ‘हार्ट अटैक’ से हुई मौत करार देकर साक्ष्य छुपाने की कोशिश की। सीनियर एसपी अमित कु मार द्वारा शुक्रवार को जेल में जाकर मामले की जांच और इस मामले में हत्या और साक्ष्य छुपाने की प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश देने के बाद जेल में हड़कंप मचा है।ड्ढr ड्ढr हिरामन की हत्या जेल पुलिस और सैप के जवानों ने की या दबंग बंदियों ने इसका खुलासा नहीं हो सका है। मृतक के शरीर पर कहीं किसी तरह की चोट न पाए जाने और सिर्फ गले पर ही दबाव के निशान से यह आशंका हो रही है कि कहीं दबंग बंदियों ने ही किसी कारण उसकी हत्या कर उसे सैप द्वारा पीटे जाने की बात प्रचारित तो नहीं करा दी । अगर जेल में पुलिस उसे पिटती तो उसके शरीर पर चोट के निशान अवश्य मिलते। न्यायिक दंडाधिकारी की उपस्थिति और डाक्टरों के बोर्ड द्वारा किए गए पोस्टमार्टम जिसका वीडियो रिकार्डिंग कराया गया, में हत्या की पुृष्टि ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर जेल प्रशासन ने हत्या के तथ्य को छुपाने की कोशिश क्यों की। क्या हत्यार से जेल प्रशासन की सांठगांठ है। बहरहाल ऐसे कई अनुत्तरित सवाल हैं, जिसका जवाब इस मामले की छानबीन के बाद ही मिलेगा। इस घटना ने यह भ्रम दूर कर दिया है कि जेल के अंदर कोई पूरी तरह सुरक्षित रह सकता है।

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