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प्रेम-प्रसंग व विवाह रचाने के लिए रिकार्ड अपहरण

भी उद्योग के रूप में पांव पसारते राज्य में फिरौती के लिए होते अपहरण पर तो काफी हद तक अंकुश लग गया पर अपहरण का भूत अब भी बिहार पुलिस और उनके अधिकारियों के सर चढ़ कर बोल रहा है। फिरौती के लिए न सही पर इस सूबे में अपहरण के भी कई प्रकार दिखने लगे हैं। त्वरित कारवाई की गुंजाईश को लेकर जानते-समझते मामले को भी अपहरण के रूप में दर्ज कराये जाने से पुलिस परशान है पर अनुसंधान के क्रम में जब सही बातें सामने आती है तो वह चौंकाने वाली होती है।ड्ढr ड्ढr जनवरी 2007 से फरवरी 2008 तक सूबे में अपहरण शादी की नीयत से हुए। हालांकि जांच के दौरान इसमें 71 मामले गलत पाए गए। राज्य में नावालिग लड़कियों के अपहरण के काफी मामले दर्ज होते आए हैं। पर इन मामलों की जब पुलिस जांच करती है तो मामला कुछ और ही सामने आता है। बीते चौदह माह में प्रम प्रसंग में हुए अपहरण के 272 मामले दर्ज हुए जबकि अन्य कारणों से घर से भागने की सबसे ज्यादा 1086 घटनाएं दर्ज की गईं। बीते वर्ष जहां हत्या की नीयत से 2लोगों के अपहरण का मामला दर्ज हुआ वहीं चालू वर्ष के प्रथम दो माह में इसकी संख्या 33 रही। इस दो माह में फिरौती के लिए अपहरण के 6 मामले दर्ज हुए जबकि बीते वर्ष इसकी संख्या 2व बीते वर्ष के प्रथम दो माह में इसकी संख्या 52 थी।ड्ढr ड्ढr हालांकि बीते वर्ष फिरौती के लिए दर्ज हुए 2मामलों की जांच में 46 मामले गलत साबित हुए? प्रम प्रसंग व शादी की नीयत से भागने वाली जोड़ी अब भी पटना पुलिस के लिए सरदर्द बनी है। पुलिस यह समझ नहीं पा रही है कि जब माता-पिता अपने बेटे-बेटियों पर कंट्रोल नहीं रख सकते तो कई जिम्मेदारियों का बोझ उठाए पुलिस उन पर कंट्रोल कैसे करं।

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  • Web Title: प्रेम-प्रसंग व विवाह रचाने के लिए रिकार्ड अपहरण