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आला अफसरों की रिपोर्ट को ग्राम्य विकास अधिकारियों ने खारिज कर दिया

राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में धाँधली पर राज्य सरकार के आला अफसरों की रिपोर्ट को ग्राम्य विकास अधिकारियों ने खारिज कर दिया है। अधिकारियों ने कहा कि मिर्जापुर और सोनभद्र के जिन एक दर्जन ब्लाकों में गड़बड़ी की शिकायत की गई थीं वे सभी सही नहीं पाई गईं। इसके उलट उन्होंने योजना के संचालन को पहले से बेहतर भी बताया है।ड्ढr मुख्यमंत्री के औचक निरीक्षण दल में शामिल दो प्रमुख सचिवों जे.एन. चैम्बर और आरपी सिंह ने बीते माह मिर्जापुर और सोनभद्र के दौरे के बाद राज्य सरकार से दोनों जिलों में रोजगार गारंटी योजना में गड़बड़ी की गम्भीर शिकायतें की थीं। कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह ने शिकायतों की पड़ताल कराने के निर्देश प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास को दिए थे। इस के बाद ग्राम्य विकास विभाग के अतिरिक्त आयुक्तों सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को सोनभद्र और मिर्जापुर के शिकायत वाले ब्लाकों में भेजा गया और जाँच कर विस्तृत रिपोर्ट देने के लिएड्ढr कहा था।ड्ढr अधिकारियों के दल ने दोनों जिलों के एक दर्जन ब्लाकों का दौरा कर रिपोर्ट तैयार की है जिसमें राबर्ट्सगंज, चोपन, नगवा और चतरा सहित एक दर्जनड्ढr ब्लाकों में योजना के तहत दिए जाने वाले जॉब कार्डो के वितरण, रिकार्ड कीपिंग और मजदूरी के भुगतान को लेकर कीड्ढr गई शिकायतों को सही नहीं पाया।ड्ढr इस दल ने चालू वित्तीय वर्ष में दी गई 158 करोड़ रुपए की धनराशि में धांधली की पुष्टि होने से इनकार किया है बल्कि रिपोर्ट में कहा गया है कि योजना का क्रियान्वयन पहले से बेहतर तरीके से चल रहा है। कुछ जगहों पर मजदूरी के भुगतान और कार्य के आगणन की गड़बड़ी का जिक्र अवश्य किया है पर उन्हें भी मामूली बताया है। अधिकारियों की इस जाँच रिपोर्ट को प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास ने प्रदेश के मुख्य सचिव और कैबिनेट सचिव को भेजड्ढr दिया है।ड्ढr राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के कियान्वयन पर उँगली उठाने वाली आला असफरों की रिपोर्ट को लेकर अधिकारियों में ठन गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने हिन्दुस्तान से बातचीत में कहा कि विभाग के अंतर्गत संचालित योजनाओं को लेकर उच्चस्तर के अधिकारियों का यह नकारात्मक रवैया उचित नहीं है।ं

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