DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

कांव-कांव

ांव-कांवड्ढr ’हम और बंधु दोबैल हैं कोड़ा सरकार के: भानूड्ढr -ो खेत जोतने से ज्यादा फसल चर रहे हैं-अउर पटना से लेके दिल्ली के लोग गाय समझ के बलटी छनले हैं- एके दुबेड्ढr -हमसे बच के ही रहियो, हम मरखाह बैल हैं- जीतेंद्र तिवारी, भरनोड्ढr -तबे आप दोनों बीच-बीच में बिदकने लगते हैं क्या- संगीता, चंदवाड्ढr -लेकिन चारा दूसर का खा रहे हैं- अजय, बरियातूड्ढr -बाकी सब क्या हैं- सोहन, फुसरोड्ढr -अब इलेक्शन के बाद किसका खेत जोतियेगा- राम कुमार, धनबादड्ढr -किसकी नाद और किसका चारा यह भी बता दीजिए- रवींद्र, जमशेदपुरड्ढr ’फायदे के लिए औरतों से पिट जाते हैं मर्दड्ढr -लेकिन दिक्कत तब होती है, जब बगल वाले भी पीटने लगते हैं- अजय रायड्ढr -शादी-शुदा तो बिना फायदे के ही पिटते हैं- शिव, चासड्ढr ’मैं जिस्म दिखाने के लिए नहीं हूं : राखी सावंतड्ढr -ठीके बोले, हमलोग भी एके चीजवा केतना देखेंगे- बल्कि ये बताना चाहती हूं कि मेर पास भी जिस्म है- बसंत गोयलड्ढr ’झारखंड में विलुप्त होती मछली के संरक्षण पर जोरड्ढr -इहे से तो एनोस भइया मछली छोड़ खस्सी के पीछे पड़े हैं- मिंटू, धनबादड्ढr ’जिम्मेदारियां बढ़ीं : रामेश्वरड्ढr -और उनमें सबसे बड़ी जिम्मेदारी है जश्न मनाने की- ज्योति कुमारड्ढr ’अर मल्लिका तुम एश्वर्या नहीं होड्ढr -इसीलिए आज तक कुछ नहीं छुपाया- बिल्लो, धनबादड्ढr ’हर पंचायत में लगेंगे पांच-पांच चापाकल : चंद्रप्रकाशड्ढr -लग गया सर, मेरा वाला तो धकाधक पानियो दे रहा है- मुस्कानड्ढr ’महंगाई से तड़प रही जनता, कान में तेल डाल सोयी सरकारड्ढr -तेल गरम कर डालो भाई- मनोज सेठ, पारसनाथड्ढr ’बैंकों में पैसा रखना गलत : वित्त विभागड्ढr -तभी तो मंत्री जी घर में रख रहे हैं- आरबी कुमार, चंदवाड्ढr ’मनाही थी, फिर भी बैंक में डाला पैसाड्ढr -गनीमत है कि निर्दलीयों के घर नहीं ले गये- पीके मित्तलड्ढr ’क्रेाी-4 को दिमाग से नहीं दिल से देखियेड्ढr -दिलवा है कहां, उ तो पहले ही कोई चुरा लिया है- दिलीप रक्षितड्ढr ’मोबाइल और कैलकूलेटर साथ नहीं लायें परीक्षार्थीड्ढr -सिर्फ चुटका से ही काम चल जायेगा- वीरू, बोकारोड्ढr ’विस्तार को ले मंत्रियों से इस्तीफा तैयार रखने को कहा गयाड्ढr -सर जरा खुल कर कहिये, इस्तीफा या सूटकेस- चंद्रशेखर, जंतगढड़्ढr ’जब से बनी सरकार नहीं हुआ दंगा : नीतीशड्ढr -अफसोस हो रहा है, तो मोदी और ठाकर को बुला लीजिए- नीलकंठड्ढr ’बीजिंग ओलंपिक में भाग लूंगा : बुशड्ढr -क्यों सर, बुढ़ापे में जवानी की याद आ रही है का- ’राज्य बनने के बाद 18.43 लाख वाहन बढ़ेड्ढr -तो फिर कांग्रेस कोड़ा जी को क्यों कोसती है- मो हसन इमाम, गिरिडीहड्ढr ’वेतन आयोग की सिफारिश में संशोधन जरूरी : लालूड्ढr -ाोड़-घटाव करके कुछुओ नहीं बच रहा है का- 0355456ड्ढr ’छात्र नेताओं को मिलेगा मोबाइल भत्ताड्ढr -और तिरंगा-उरंगा खाने के लिए पॉकेटवा से पैसा लगेगा- एसके पांडेय

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: कांव-कांव