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कुरसी खिसकने के डर से नहीं किया उद्घाटन

ानप्रतिनिधि अमूमन किसी समारोह, जनसभा या मेला का उद्घाटन करने का मौका नहीं छोड़ते। एसे मौकों को नेता-ानप्रतिनिधि अपने स्टेटस और प्रतिष्ठा से जोड़कर देखते हैं। लेकिन दुमका में प्रति वर्ष लगनेवाला संताल परगना का बहुचर्चित जनजातीय हिाला मेला इसका अपवाद है। जब-ाब इस मेले का समय आता है वहां एक अपशकुन की चर्चा होने लगती है। आम लोगों की जुबान पर यह बात होने लगती है कि जिन नेताओं ने इस मेले का उद्घाटन किया, उनकी कुर्सी चली गयी। वहां के लोग ऐसे नेताओं में बाबूलाल मरांडी, अजरुन मुंडा और कई अन्य के नाम गिनाते हैं। हालत यह है कि अब कोई मेले का उद्घाटन करना नहीं चाहता।इस बार भी ऐसा ही हुआ। झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरन उद्घाटन के अवसर पर मौजूद थे, पर विधिवत इसका उद्घाटन एक मांझी से कराया गया। अपने क्षेत्र का बड़ा मेला होने के बावजूद हरिनारायण राय ने इस मेले का उद्घाटन करने की सहमति नहीं दी। कुछ लोग मुख्यमंत्री मधु कोड़ा से इसका उदघाटन करवाना चाहते थे। लेकिन 11 अप्रैल को संताल परगना (साहेबगंज) जाने के बावजूद उन्होंने मेले में जाना उचित नहीं समझा।ड्ढr

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