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नेपाल मे हुए शाही हत्याकांड मामले में नया मोड़

युवराज दीपेंद्र के नेपाल के राजा बीरेंद्र तथा महारानी की हत्या के बारे में एक वर्ष पहले से ही विचार करने के पूर्व युवराज पारस के दावे ने ‘शाही महल हत्याकांड’ मामले में अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है। पूर्व शाही सहायक सौजन्य कुमार सुल्या जोशी न इन आरोपों को खारिा करत हुए कहा है कि उसे इसी कहानी को प्रचारित नहीं करन क कारण सवा मुक्त कर दिया गया। जोशी जून 2001 तक युवराज दीपंद्र क निजी सचिव थे, जब नपाल क लोकप्रिय राजा बीरंद्र और महारानी एश्वर्या की सात रिश्तदारों क साथ हत्या कर दी गई। महल क अधिकारियां न इसक लिए युवराज दीपंद्र को दोषी ठहराया जिसन शराब और मादक पदार्थो क नशे मं परिवार का सफाया करन क बाद आत्महत्या कर ली। इस कहानी को अधिकांश नपाली स्वीकार नहीं करत और उनका मानना है कि बीरंद्र की हत्या क पीछ उनक भाई और बाद मं राजा बन ज्ञानंद्र का हाथ है। इस हत्याकांड की फिर चर्चा होने लगी जब सिंगापुर मं रह रह पूर्व युवराज पारस न हाल में एक टबलायड अखबार स कहा कि दीपंद्र क पास अपन पिता की हत्या करन क कई कारण थे। उसन कहा कि दीपंद्र अपनी प्रमिका स विवाह की अनुमति नहीं दन और हथियार सौद को लेकर राजा बीरंद्र स नाराज थे।ं

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