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पढ़े फारसी, बेचे तेल

समय बड़ा बलवान हाता है। समय की मार पड़ ता अच्छ-अच्छ तीस मार खां तल बचन लगत हैं। जैस इधर दिल्ली मं राज करन वाल बच रह हैं। कल तक जा बड़ी हिकारत स यह कहत थ कि खरीदना-बचना, माल-ताल करना, भावां का उतार-चढ़ाव दखना बाजार का काम है, सरकार का नहीं, वही आज तल बच रह हैं। आज बाजार बड़ा हा गया। सरकार छाटी हा गयी। समय बड़ा बलवान हाता है। इसीलिए ता कल तक सरकार जिस बाजार का काम बता रही थी, वही काम अब खुद कर रही है। तल बच रही है। बाजार भाव स कम भाव पर। भाव एस ही घटत हैं। कम स कम उनक ता घट ही गए, जा यह कहत थ कि दखा हम बचंग ता सिर्फ सरकारी कंपनियां और कारखान बचंग, उनक शयर बचंग। हम बचंग ता सिर्फ सज क लिए जमीन बचंग। आज वही तल बच रह हैं। हालांकि व बचत और भी बहुत कुछ हैं और सरबाजार बचत हैं। लकिन इधर ता व सिर्फ तल बच रह हैं, सरबाजार। समय बड़ा बलवान हाता है। जा कल तक सिर्फ फ्लाईआवरां, एक्सप्रसव, मैट्रा वगैरह की बात करत थ, आज व तल बच रह हैं। जा कल तक सिर्फ आईटी की बात करत थ और मॉल, मल्टीपलक्स पर गदगद थ, वही आज तल बच रह हैं। जा कल तक दिी का चमकान की बात करत थ, उस वर्ल्डक्लास शहर बनान की बात करत थ, वही आज तल बच रह हैं। सब भूल गए। बस नून-तल याद रह गया। जब नून-तल याद रह जाए ता समझा कि गर्दिश क दिन हैं।ड्ढr ता, समय बड़ा बलवान हाता है। आज समय एसा आया है कि आट-दाल क भाव बढ़ गए हैं। बढ़ क्या गए हैं, आसमान छू रह हैं और सरकार क भाव गिर रह हैं। उसक भाव इतन गिर रह हैं कि वह तल बच रही है। पहल जब लाग कहत थ कि भइया कुछ राशन-पानी का भी इंतजाम कर दा। ता लागां की इस बात का व काई भाव नहीं दत थ। राशन-पानी का इंतजाम करना उन्हं घटिया दर्ज का काम लगता था। पर अब दख ला, तल बच रही है। समय बड़ा बलवान हाता है जी। हालांकि तलवाल भी बड़ बलवान हात हैं। व दुनिया का अपन इशारां पर नचात हैं। इसक बावजूद जी, तल बचनवालां का अपन यहां बहुत अच्छी नजर स नहीं दखा जाता। तभी ता यह कहावत चली हागी कि पढ़ं फारसी बचं तल, दखा यह किस्मत का खल। पर इनकी किस्मत देखों अब वे तेल बेच रहे हैं।ं

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  • Web Title: पढ़े फारसी, बेचे तेल