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बैंड बज रहा शादी के मेहमानों का

शादियां बिहार में हो रही हैं लेकिन बैंड उन मेहमानों का बज रहा है, जो इनमें शरीक होने दिल्ली से रवाना हो रहे हैं। एक अदद रल टिकट हासिल करने में इनके पसीने छूट रहे हैं। कड़ी धूप में महिलाएं, बच्चे और पुरुष गठरी लेकर लंबी-लंबी कतारों में खड़े दिख रहे हैं। पसीने से लथपथ हैं लेकिन जाने का जुनून जबरदस्त है। पिछले तीन-चार दिनों से नई दिल्ली व दिल्ली स्टेशन पर बने अनारक्षित टिकट खिड़कियों पर टिकटों के लिए मारामारी मची हुई है। रो सैकड़ों की तादाद में लोग टिकट खरीदने पहुंच रहे हैं। आरक्षित श्रेणी का टिकट खरीदने वाले, तो फिर भी हॉल में खड़े होते हैं, पर नई दिल्ली के अजमेरी गेट छोर पर अनारक्षित टिकट खरीदने वालों का बुरा हाल है। कतार में लोग एक-दूसर से चिपटे हुए हैं। लाइन ऊपर लगी छतरी को पार कर सड़क तक जा पहुंचती है, जिससे स्टेशन आने-ााने वाली गाड़ियों तक को आने-ााने में दिक्कतें आ रही हैं। भीड़ में खड़े ज्यादातर लोग बिहार जाने वाले मेहनतकश लोग दिखते हैं। पूछने पर बताते हैं कि वे शादी में हिस्सा लेने जाना चाहते हैं। आरक्षित टिकट मिल नहीं पा रहा, लिहाजा उन्होंने सामान्य दज्रे के डिब्बे में ही जाने का विकल्प चुना है। दिक्कत यह भी है कि इन लोगों में से ज्यादातर लोगों को यह नहीं मालूम कि उत्तर रलवे ने बड़ी संख्या में स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं। उत्तर रलवे के अधिकारियों ने बताया कि बड़ी संख्या में स्पेशल ट्रेनें इसीलिए चलाई जा रही हैं, ताकि किसी को कोई परशानी नहीं पेश आये, हर स्टेशन पर इन ट्रेनों का विवरण भी दिया गया है लेकिन फिर भी काफी लोग इससे अनजान हैं। सेहरा बांधना भी महंगाड्ढr कुन्दन कुमारड्ढr जहानाबाद। दूल्हे को सेहरा बांधना काफी महंगा पड़ रहा है। बारात सजाने से लेकर हलवाई तक पर कई गुना अधिक खर्च करने पड़ रहे हैं। गाड़ी, बैंड-बाजा, सजावट वाले तो मुंहमांगी कीमत पर भी मुश्किल से मिल रहे हैं। उधर खान-पान की सामग्री की कीमत में पहले से आग लगी है। दूध, पनीर व खोआ आउट ऑफ मार्केट है। सुधा ने तो आर्डर लेना ही बंद कर दिया है। बारात तो छोड़िए दूल्हे के लिए भी वाहन नहीं मिल रहे हैं। वाहनों के लिए लोग मार-मार फिर रहे हैं। दुल्हे राजा के लिए स्कॉर्पियो, इंडिका या ट्वेटा की खोज हो रही है। वे दूल्हे बड़े किस्मत वाले हैं जिन्हें ससुराल जाने के लिए लगरी वाहन मिल गए लेकिन उन्हें इसके लिए मुंहमांगी कीमत चुकानी पड़ी। जहां पहले उक्त लगरी वाहनों का किराया दो हाार हुआ करता था अभी 6 हाार वसूला जा रहा है। मारुति के मालिक भी 3 हाार से अधिक किराये की मांग कर रहे हैं। यही हाल बैंड बाजे का है। एक-एक बैंड वाले ने लगन के दिन तीन-तीन शिफ्ट में बुकिंग की है। मात्र दो घंटे के लिए 10 हाार से अधिक राशि ली जाती है। नामी बैंड वालों का भाव तो इस कदर बढ़ा हुआ है कि वह सीधे मुंह बात भी नहीं कर रहे हैं। बिजली सज्जा के समान की घोर कमी है, जिसने बुकिंग में देर कर दी वे अब मार-मार फिर रहे हैं। बाजार की खाक छानने के बाद भी एक जेनरटर तक नहीं मिल रहा है। इस वर्ष लगन कम होने से ही ऐसी मारा-मारी मची है। शादी-विवाह के पीक सीजन अप्रैल माह में सिर्फ पांच ही लगन के दिन हैं। लगन में वाहनों का किरायाड्ढr मारुति कार-3500 रुपएड्ढr इंडिका-4000 रुपएड्ढr स्कॉर्पियो और ट्वेटा-6000 रुपएड्ढr बोलेरो -4000 रुपएड्ढr सूमो-4000 रुपए

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