DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

चोल से गिरोह चलाना मुश्किल कर देंगे

ोल में रहकर गिरोह चलाने वाले माफिया की परशानी अब बढ़ सकती है। पहली बार सृजित आईाी जेल के पद को संभालने वाले आईपीएस सुलखान सिंह का रवैया उन्हें लेकर काफी सख्त है। श्री सिंह ऐसे गिरोहबाजों की लिस्ट तैयार करा रहे हैं। उनका पहला एजेंडा ये है कि जेल अधिकारियों को अपराधियों के दबाव व प्रलोभनों से मुक्त किया जाए। वे जेलों को ऐसा रूप देना चाहते हैं, जिसमें सामान्य बंदियों को जेल नर्क न लगकर वाकई एक मानवीय सुधारगृह जसी नजर आए।ड्ढr यूपी की जेलों में 200 करोड़ से होने वाले निर्माणों को लेकर बुधवार को गृह विभाग की बैठक थी। गृह सचिव जावीद अहमद की अध्यक्षता में हुई इस बैठक के बाद श्री सिंह ने बताया कि फिलहाल यूपी में 62 जेलें हैं। वे हर हफ्ते दो जेलों का दौरा करेंगे और वहाँ की गड़बड़ियों को बारीकी से देखेंगे। अच्छे अधिकारियों और कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने की हर कोशिश होगी। जेलकर्मियों और अपराधियों के गठबंधन को वे हर हाल में तोड़ेंगे। उन्होंने कहा-अगर जेल के भीतर से माफिया और अन्य अपराधी मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं तो मतलब साफ है। जेल के भीतर का सरकारी कर्मचारी उनसे मिला है या डरा हुआ है। ये सब अब नहीं चलने दिया जाएगा। सुलखान सिंह ने बताया कि लखनऊ जेल समेत प्रदेश की अन्य जेलों में बंद आतंकियों पर खास निगाह होगी। उनकी मानवीय निगरानी के साथ-साथ वैज्ञानिक तौर-तरीकों का इस्तेमाल होगा। साथ ही उन्होंने पुलिस से जेल में बंद ऐसे माफिया की सूची माँगी है जिनका जेल से गिरोह संचालित करने का रकार्ड रहा है। इनकी गतिविधियों को रोका जाएगा। श्री सिंह ने बताया कि कैदियों की न्यूनतम जरूरतों को पूरा करने पर भी ध्यान दिया जाएगा। मसलन अच्छा खाना और साफ शौचालय आदि। जेलकर्मियों की पदोन्नति और वेतनमान के मसलों पर उन्होंने कहा कि इन्हें जल्द ही ठीक किया जाएगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: चोल से गिरोह चलाना मुश्किल कर देंगे