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सीआरआर बढ़ाई आरबीआई ने

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने गुरुवार को नकद सुरक्षा अनुपात (सीआरआर) 0.50 फीसदी बढ़ा दी। मुद्रास्फीति पर काबू पाने के लिए पहले ही उम्मीद जताई जा रही थी कि आरबीआई इस तरह का कोई कड़ा फैसला ले सकता है। आरबीआई को उम्मीद है कि उसके इस कदम के बाद बाजार से कुछ तरलता को सोखलिया जाएगा। सीधे शब्दों में कहा जाए तो अब बैंकों को अपने पास अधिक धन रखना होगा। यानी कि अब लोन देने में बैंक बहुत उदारवादी नहीं रहेंगे। बुधवार को ही चीन के सेन्ट्रल बैंक के सीआरआर में इजाफा करने के बाद यह तय लग रहा था कि आरबीआई भी उसके नक्शे कदम पर चलेगा। चीनी बैंक ने भी अपने देश में मुद्रा स्फीति की गम्भीर होती हालत के बाद इस तरह का फैसला लिया। उसने जून 2006 के बाद 16 वीं बार सीआरआर को बढ़ाया है। जानकार कह रहे हैं कि आशंका के बावजूद बैंक अपने होम लोन को महंगा नहीं करेंगे। कारण यह है कि उन्होंने अपने होम लोन को मात्र आधा प्रतिशत ही हाल के दौर में घटाया है। चूंकि होम लोन देकर उन्हें ब्याज के माध्यम से तगड़ा लाभ होता है, इसलिए वे अपने होम लोन लेने वाले सम्भावित कस्टमर्स को अपने से दूर नहीं करेंगे।ड्ढr

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