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पवार की दलील नहीं हुई हचाम

महंगााई पर सरकार की दलील और सफाई से असंतुष्ट यूपीए के सहयोगी- वामपंथी दलों, यूएनपीए और विपक्षी एनडीए ने गुरुवार क ो राज्यसभा से वाकआउट किया। अन्नाद्रमुक ने भी इनका साथ दिया। इन सदस्यों ने केंद्रीय खाद्य आपूर्ति मंत्री शरद पवार के स्पष्टीकरण को पूरी तरह खारिा किया। पवार ने एनडीए, वामपंथी दलों और यूएनपीए सदस्यों के वाक आउट के बीच राज्यसभा में गुरुवार को बताया कि प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह से उन्होंने महंगाई के मुद्दे पर मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाने का सुझाव दिया है। राज्यों की भूमिका पर असंतोष प्रकट करते हुए मंत्री ने कहा कि जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए और ठोस कदम उठाने की जरूरत है। महंगाई की दहशत फैलाना भी ठीक नहीं है। इसका फायदा निहित स्वार्थी तत्व उठाते हैं। इस बीच, सरकार के अधिकृत सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री अपने सहयोगी-मंत्री के सुझाव पर जल्द ही मुख्यमंत्रियों की बैठक बुला सकते हैं। लेकिन महंगााई पर अंकुश लगाने के सरकारी प्रयासों से यूपीए के सहयोगी भी सदन में संतुष्ट नहीं थे। वायदा-कारोबार पर मंत्रालय के रवैये से वे कोफी नाराज थे। उनका कहना था कि सर्वाजनिक वितरण प्रणाली की कमजोरी और वायदा कारोबार की असंगत नीति के चलते भी महंगााई बढ़ रही है।

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