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बासी भात खायेंगे पर स्कूल जायेंगे

राज्य के एक-एक बच्चे को शिक्षा से जोड़ने की मुहिम के तहत 17 अप्रैल को राज्य भर के लाखों स्कूली छात्र सड़क पर उतरे। राजधानी रांची सहित राज्य के सभी जिलों-प्रखंडों में गाजे-बाजे के साथ प्रभातफेरी निकाली गयी। बासी भात-सूखी रोटी खायेंगे, फिर भी स्कूल जायेंगे.., सब बच्चे स्कूल जायेंगे-सुखी-समृद्ध भविष्य बनायेंगे.., शिक्षा का क्रम टूटे ना, एक भी बच्चा छूटे ना..जसे नारों के साथ निकली प्रभात फेरियों में शामिल बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था। स्कूल चलें हम अभियान 2008 का आगाज 16 मार्च को हुआ है। इसके तहत शिक्षा से वंचित बच्चों और उनके अभिभावकों को प्रेरित किया जाना है। गुरुवार को राजधानी के स्कूली बच्चे अभियान के नारों के साथ एक-एक गली-कूचे का भ्रमण करते रहे। प्रात: सुबह साढे छह बजे से ही प्रभातफेरी शुरू हो गयी। बच्चों का कारवां स्कूलों से निकलकर विभिन्न इलाकों में गया और सबके लिए शिक्षा की आवाज बुलंद की। स्कूलों के शिक्षक भी प्रभात फेरी में शामिल थे। डीएसइ प्रदीप कुमार चौबे ने विभिन्न इलाकों का भ्रमण कर अभियान पर नजर रखी। आज से मिलेगा स्टीकर स्कूल चलें हम अभियान 30 तक चलेगा। इस दौरान हर रो अलग-अलग गतिविधि होगी। 18 से 20 अप्रैल के बीच स्कूल प्रांगण में ग्राम शिक्षा समिति और अभिभावकों की बैठक होगी। इस दौरान बच्चों को नामांकन के लिए कार्ड-स्टीकर का वितरण किया जायेगा। इसी कार्ड-स्टीकर से 28 से 30 अप्रैल तक नामांकन होगा। वितरित कार्ड-स्टीकर की सूचना प्रतिदिन राज्य परियोजना कार्यालय को देने का निर्देश भी दिया गया है। बैलून रैली 24 को अभियान के तहत 24 अप्रैल को बैलून रैली और 27 अप्रैल की शाम मोमबत्ती रैली होगी। इसे लेकर बच्चे खासे उत्साहित हैं। स्कूलों में 15 दिनों तक कार्यक्रम, प्रतियोगिता, खेलकूद की खबर से स्कूली छात्र खुश दिख रहे हैं। दूसर दिन प्रभातफेरी में छात्रों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली। डीइओ-डीएसइ घर-घर घूमे कालामाटी और भंडरा स्कूल में छह बच्चों का नामांकन डीइओ अशोक शर्मा एवं डीएसइ प्रदीप चौबे ने कराया। बच्चों के साथ डोर टू डोर विजिट भी किया।

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