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उधार में बांटे मोबाइल अब लटका भुगतान

मुख्यमंत्री ने मंत्रियों और विधायकों को बांटने के लिए खरीदे गये मोबाइल फोन सेट के भुगतान की स्वीकृति देने से इनकार कर दिया है। डिप्टी सीएम स्टीफन मरांडी ने वित्त विभांग की ओर से विधानसभा में बजट सत्र के दौरान गिफ्ट में मोबाइल बांटे थे। बजट में इसके लिए कोई प्रावधान न था। बगैर टेंडर के उधार में 13 लाख 2हजार 50 रुपये के मोबाइल लिये गये। सीएम ने इस पर स्वीकृति देने की बजाय मामले को कैबिनेट में रखने का निर्देश दिया है। अब मोबाइल सरकार के लिए गले की हड्डी बन गयी है। इस मामले में विवाद होने पर वित्त विभाग ने स्वीकृति के लिए फाइल सीएम को भेज दी थी।ड्ढr 13 हजार 0 रुपये की दर से मोबाइल खरीदे गये हैं। अप्रैल में भुगतान के लिए फाइल बढ़ी, तो अपर वित्त आयुक्त निरांन कुमार और वित्त सचिव राजबाला वर्मा ने कई सवाल खड़े कर दिये । कहा गया कि 50 हजार रुपये से अधिक की खरीद के लिए टेंडर करने का प्रावधान है। बगैर टेंडर के मोबाइल ले लिये गये हैं। सरकार द्वारा अधिकतम 10 हजार रुपये के ही मोबाइल सेट खरीदने का फैसला लिया गया है, लेकिन ये मोबाइल उससे अधिक कीमती हैं।

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