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फिर लटका डीएसपी से एसपी में प्रोमोशन

राज्य पुलिस सेवा के 15 अधिकारियों की डीएसपी से एसपी में प्रोन्नति का मामला फिर लटक गया है। कारण है कुछ अधिकारियों पर विभिन्न आरोपों का होना। दिल्ली में प्रोन्नति कमेटी की जो बैठक हुई और जिन अधिकारियों के नामों की सिफारिश हुई, उसे एक डीएसपी ने चुनौती दे दी है। राज्य के दो बड़े नेताओं ने कम से कम चार डीएसपी के कामकाज पर उंगली उठायी है। इसके अलावा सांसद बागुन सुंब्रई और राज्यसभा सदस्य माबेल रिवेलो ने जिन अधिकारियों की प्रोन्नति की सिफारिश की है, उन पर भी सवाल खड़ा किया गया है। अधिकारियों पर लगे आरोपों की जांच राज्य के डीाीपी वीडी राम करंगे। गृह विभाग ने इसकी सिफारिश कर दी है। जिन अधिकारियों पर आरोप लगे हैं, उनमें रलवे जमशेदपुर में एसपी मृत्युंजय कुमार, मार्टिन पोरस लकड़ा और बिगलाल उरांव शामिल हैं। मृत्युंजय कुमार पर आरोप है कि ये जब गया में थे तो उन पर हत्या का मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में वे चार्जशीटेड हैं और अदालत से फरार घोषित हैं। वहीं, लकड़ा पर आरोप है कि जब वे जमशेदपुर में डीएसपी थे, तब जेवर व्यवसायी के यहां से छापामारी में बरामद डेढ़ किलो जेवरात घर ले गये थे। एसपी के दबाव के बाद उन्होंने जेवरात लौटाये थे। बिगलाल उरांव पर सरकारी आदेश का पालन नहीं करने का आरोप है। ड्ढr

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