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कर्नाटक : जद (यू) और भाजपा की वार्ता टूटी

र्नाटक विधानसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर जनता दल यूनाइटेड जद (यू) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच गत एक सप्ताह से चल रही वार्ता शुक्रवार को विफल हो गई। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार जद (यू) भाजपा से 25 सीटों की मांग कर रहा था, क्योंकि पिछले चुनाव में भाजपा ने उसे 25 सीटें दी थी पर इस बार भाजपा केवल आठ सीटें देने के लिए तैयार थी। सूत्रों के अनुसार जद (यू) के अध्यक्ष शरद यादव और भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष राजनाथ सिंह के बीच 15 अप्रैल की रात अंतिम दौर की बातचीत हुई लेकिन उसमें भाजपा ने जद (यू) की मांगें नहीं मानी। भाजपा पहले छह सीटें देने को तैयार थी। बाद में जब शरद यादव राजनाथ सिंह से मिले तो वह दो और सीटे देने को राजी हुई। इस तरह वह कुल आठ सीटे ही देना चाहती थी, जबकि जद (यू) 25 सीटों पर अड़ा था। यादव ने उसके बाद भाजपा के कर्नाटक प्रभारी अरुण जेटली को एक पत्र फैक्स किया, लेकिन शुक्रवार सुबह तक उस पत्र का कोई जवाब जद (यू) के पास नहीं आया। अन्तत: जद (यू) को अपनी पहली सूची जारी करनी पड़ी। जद (यू) के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि इस पूरे प्रकरण में गलती भाजपा ने की है, क्योंकि उसने जद (यू) से बातचीत किए वगैर अपनी तीन सूचियां जारी कर दीं। इस तरह 224 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा ने 185 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी। जद (यू) अध्यक्ष शरद यादव ने भी पिछले दिनों कहा था कि भाजपा गठबंधन धर्म की धजियां उड़ा रहा है और वह घटक दल से बातचीत किए वगैर अपनी सूची जारी कर रहा है। कर्नाटक में भाजपा और जद (यू) का गठबंधन पिछले दस साल से चल रहा था। तीन विधानसभा चुनावों में दोनों पार्टियों ने मिलकर चुनाव लड़ा था। जद (यू) के महासचिव एवं प्रवक्ता शंभु श्रीवास्तव पिछले एक सप्ताह से बेंगलुरु में कैंप डाले हुए थे। वह पार्टी के कर्नाटक प्रभारी हैं।

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